इलाहाबाद। सुरक्षा के नाम सहूलियत के बजाय आम आदमी को मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। सिविल लाइंस साइड में नवाब यूसुफ रोड और रेलवे स्टेशन गेट की क्रॉसिंग पर लगी बैरिकेडिंग से लोग पहले ही परेशान थे, वहां तैनात सुरक्षा कर्मियों ने भी लोगों की दिक्कतें बढ़ा दी हैं। उनकी मनमानी से न सिर्फ रेलवे स्टेशन में आने-जाने वाले, बल्कि बगल में स्थित कॉलोनी में रहने वाले भी परेशान हैं। कॉलोनी में प्रवेश के लिए कुछ रास्तों पर भी बैरिकेडिंग करा दी गई है।
नगर निगम के पीछे वाले गेट के सामने से रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्ग के प्रवेश द्वारा पर माघ मेले के मद्देनजर बैरिकेडिंग करा दी गई है। इसी तरह इस रोड से स्टेशन में प्रवेश के लिए अन्य मार्गों पर भी बैरिकेडिंग की गई है। ऐसे में स्टेशन में प्रवेश और बाहर निकलने के लिए सिर्फ एक संकरा रास्ता बचा है, जिसकी वजह से लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। वहीं, बैरिकेडिंग पर तैनात सुरक्षा कर्मी नियमों को दरकिनार कर कब किसका रास्ता रोक दें, कोई भरोसा नहीं। जिस रास्ते पर बैरिकेडिंग लगी है, उसके ठीक बगल में रेलवे कॉलोनी में प्रवेश के लिए मार्ग नंबर सात है। इसे खुला तो रखा गया है लेकिन दिन की शिफ्ट में तैनात सुरक्षा कर्मी इस रास्ते पर बेंच लगाकर बैठ जाते हैं और किसी ने टोका तो झगड़ा होना तय है।
सुरक्षा कर्मियों ने अलाव के रूप पेड़ की एक डाल को सड़क पर रख दिया है, जिससे लोगों को दिक्कत हो रही है। कुछ दिनों पहले इनमें से कुछ सुरक्षा कर्मियों ने रेलवे स्टेशन में प्रवेश कर रहे रेलवे के एक कर्मचारी से बदसलूकी की और जब वहां अक्सर ड्यूटी पर तैनात रहने वाले एक स्थानीय पुलिस कर्मी ने ऐसा करने से मना किया तो उससे भी झगड़ा कर बैठे। उनकी इस हरकत से रेलवे स्टेशन में आने-जाने वालों के साथ कॉलोनी के लोग भी परेशान हैं। इसके अलावा इसी मार्ग पर रेलवे कॉलोनी में प्रवेश के लिए मार्ग नंबर तीन और पांच पर भी बैरिकेडिंग कराकर प्रवेश रोक दिया गया है, जिसकी वजह से कॉलोनी में रहने वाले हजारों रेलवे कर्मियों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है।