इलाहाबाद। वाणिज्य कर विभाग ने 50 लाख रुपये से अधिक सालाना टर्नओवर वाले व्यापारियों के लिए ई-संचरण (ऑन लाइन) व्यवस्था तो लागू कर दी लेकिन खुद अपग्रेड नहीं हुआ। इसका खामियाजा पूरे प्रदेश में लाखों व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है। सिस्टम अपग्रेड न होने से ई-संचरण सुविधा के लिए ऑन लाइन पंजीकरण नहीं हो पा रहा है। इसका असर कारोबार पर पड़ रहा है। इसकी वजह से व्यापारियों के सामने खड़ी हुई समस्या मुख्यालय भी वाकिफ है। ऐसे में मुख्यालय ने सभी ज्वाइंट कमिश्नर, डिप्टी कमिश्नर और असिस्टेंट कमिश्नरों को डाटाकार्ड के जरिये ई-संचरण में व्यापरियों का पंजीकरण कराने को कहा है।
वाणिज्य कर मुख्यालय ने एक जून से ई-संचरण व्यवस्था लागू की। इस व्यवस्था के लागू होने के पहले दिन से ही व्यापारियों के सामने समस्या खड़ी होने लगी, क्योंकि हर व्यापारी के लिए ई-संचरण के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य हो गया। बिना इसके व्यापारी कारोबार के लिए विभाग से किसी तरह का फॉर्म नहीं प्राप्त कर सकते। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ने लगा। ई-संचरण के तहत ऑन लाइन पंजीकरण के लिए प्रदेश भर में बड़ी संख्या में व्यापारियों ने आवेदन किए लेकिन विभाग की वेबसाइट न खुलने से आवेदनों का निस्तारण में समस्या खड़ी हो गई। इसके लिए अफसरों को इंटरनेट का प्रयोग करना पड़ रहा है।
ऐसे में मुख्यालय स्तर पर वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ज्वाइंट कमिश्नर (कार्यपालक) एवं कारपोरेट सेक्टर, डिप्टी कमिश्नर एवं असिस्टेंट कमिश्नर (प्रशासन) को उनके पास उपलब्ध ब्राडबैंड, डाटा कार्ड के जरिए ई-संचरण के तहत आए आवेदनों के निस्तारण का आदेश दिया है। एडिशनल कमिश्नर मुख्यालय बी राम शास्त्री की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि अधिकारियों के पास उपलब्ध डाटाकार्ड को कर निर्धारण अधिकारियों से भी संबद्ध किया जाए ताकि जोन, संभाग में लंबित ई-संचरण ऑनलाइन आवेदनों का प्रतिदिन और तेजी से निस्तारण हो सके।