फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj News: लक्खा ने संगम तट पर बहाई सुर, लय और ताल की त्रिवेणी

विज्ञापन
विज्ञापन
गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम तट पर शनिवार की शाम सुर, लय और ताल की त्रिवेणी में संगीत प्रेमी सराबोर हो उठे। मौका था एनसीजेडसीसी की गंगा संस्कृति यात्रा के तहत आयोजित संगीत संध्या का। इसमें भजन गायक लखबीर सिंह लक्खा ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति से हर किसी को झूमने पर मजबूर कर दिया।
विज्ञापन

संगम स्थित बड़े हनुमान मंदिर परिसर में संगीत संध्या का आरंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसी के साथ बजरंगबली के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। तालियों की गड़गड़ाहट के बीच मंच पर पहुंचे लक्खा ने शिव वंदना के कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने पार न लगोगे श्रीराम के बिना/ राम न मिलेंगे हनुमान के बिना..., श्रीराम जानकी बैठे हैं..., लाल लंगोटा लाल सिंदूरी बदन पे साजे हैं... जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ स्वामी नरेश गिरि एवं स्वामी राजेंद्र पुरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कविता निगम ने सत्यम, शिवम, सुंदरम..., हे शंभू बाबा मेरे भोलेनाथ... आदि भजनों की प्रस्तुति देकर तालियां बटोरीं। इनके साथ शुभेंदु सिंह, शाहिद, धीरेंद्र, मनोज भट्ट, दुर्गेश कुमार ने संगत की। संचालन संजय पुरुषार्थी ने किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें