डेढ़ करोड़ की चोरी में तिरुपति के चोर गिरोह सरगना की तलाश
माना जा रहा है मुख्य संदिग्ध, फुटेज के जरिए गिरफ्तारी का प्रयास
वाराणसी में कैशवैन से चोरी की दो घटनाओं का था मास्टर माइंड
प्रयागराज। जंक्शन के सिविल लाइंस साइड में कैशवैन से 1.52 करोड़ रुपये चोरी की वारदात में पुलिस तिरुपति के चोर गिरोह सरगना अरुण कुमार वी की भी तलाश में जुटी है। दरअसल, पिछले साल वाराणसी में कैशवैन से लाखों की चोरी की हुई दो घटनाओं का मास्टर माइंड वही था। यह जानकारी मिलने के बाद जिला पुलिस भी उसके बारे में जानकारी जुटाने में लग गई है।
तीन अक्तूबर को एसआईएस प्रोसीजर कैश मैनेजमेंट कंपनी की कैशवैन से 1.52 करोड़ रुपयों से भरा बक्सा चोरी की वारदात को अंजाम देकर बदमाशों ने जिले में सनसनी फैला दी थी। घटना जंक्शन के सिविल लाइंस साइड पर हुई थी। जांच पड़ताल में पुलिस को यह भी पता चला कि बक्सा लेकर चोर नवाब युसुफ रोड से होते हुए स्टैनली रोड और फिर वहां से टेंपो में बैठकर फाफामऊ पहुंचकर गलियों में गुम हो गए। फाफामऊ के बाद बदमाश किस रास्ते व किस माध्यम से कहां गए, अब तक इसकी कोई ठोस जानकारी पुलिस नहीं जुटा सकी है। फाफामऊ में कई जगह दबिश देने के बावजूद चोरों का कुछ पता नहीं चल सका। सीसीटीवी फुटेज से मिले बदमाशों के हुलिए के आधार पर पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि आंध्र प्रदेश का एक गिरोह इस तरह की कई वारदातें देश भर में अंजाम दे चुका है। साथ ही फुटेज में दिख रहे बदमाशों का हुलिया गिरोह के सदस्यों से बहुत ज्यादा मेल खाता है। इसके बाद से पुलिस उस गिरोह के सदस्यों की तलाश में जुट गई है। सूत्रों की मानें तो इस गिरोह का सरगना अरुण कुमार वी है जिसके बारे में पुलिस जानकारी जुटाने में लगी है। दरअसल पिछले साल वाराणसी में कैशवैन से लाखों रुपये चोरी की एक के बाद एक दो वारदातें सामने आई थीं। इनमें मुगलसराय में 38 व लंका क्षेत्र में 26.50 लाख की लूट शामिल थीं। जांच में पता चला था कि आंध्र प्रदेश के तिरुपति निवासी सरगना अरुण ने अपने साथियों संग मिलकर दोनों वारदातें की थीं। सूत्रों का कहना है कि जंक्शन पर हुई 1.52 करोड़ की चोरी की वारदात में मॉडस ऑपरेंडी वही है जो वाराणसी की दोनों घटनाओं में अपनाई गई थी। इसके अलावा फुटेज में दिख रहे बदमाशों का हुलिया भी गिरोह के लोगों से मिल रहा है। ऐसे में बहुत संभावना है कि यह वारदात भी इसी गिरोह की करतूत हो। ऐसे में इसके सभी सदस्यों की तलाश की जा रही है।
होटलोें में रेड, खंगाले जा रहे रजिस्टर
सूत्रों की मानें तो जांच पड़ताल में यह बात भी सामने आई है कि वाराणसी में हुई दोनों घटनाओं को अंजाम देने के बाद शहर छोड़कर भागने की बजाय सरगना अरुण एक होटल में रुका था। साथ ही एक दिन बाद फ्लाइट से बंग्लुरु, हैदराबाद और फिर वहां से तिरुपति पहुंचा था। ऐसे में पुलिस ने एक बार फिर से शहर के होटलों में जांच पड़ताल शुरू कर दी है। वहां पहुंचकर आगंतुक रजिस्टरों को खंगाला जा रहा है। पिछले एक हफ्ते में होटल में आने या जाने वाले हर शख्स की जानकारी जुटाई जा रही है। इसके अलावा एक टीम फ्लाइट से दक्षिण भारत जाने वाले हवाई यात्रियों का भी पता लगाने में जुटी है।
बैंकों में हुए बड़े लेनदेन पर भी नजर
वाराणसी पुलिस की जांच में यह भी बात सामने आई थी कि चोर गिरोह सरगना अरुण कुमार वी ने वारदात के बाद लाखों रुपये शिवपुर स्थित बैंक में भी जमा कराए थे। रकम उस खाते में जमा कराई गई थी जो अरुण ने तिरुपति स्थित बैंक की शाखा में खुलवाया था। ऐसे में 1.52 करोड़ की चोरी की जांच में जुटी जिला पुलिस की नजर पिछले चार दिनों में बैंकों में हुए बड़े लेनदेन पर भी है। सूत्रों की मानेें तो बैंक अफसरों से संपर्क कर पता लगाया जा रहा है कि वारदात के बाद से कहीं बड़ी मात्रा में नगदी तो नहीं जमा की गई। हो सकता है कि बदमाशों ने यहां भी वही तरीका अपनाया हो।
...तो अलग-अलग ग्रुप में भागे
पुलिस को इस बात का भी शक है कि बदमाश वारदात के बाद फाफामऊ से अलग-अलग ग्रुप में भागे। दरअसल पूर्व में भी ऐसी घटनाओं में शामिल बदमाश यही तरीका अपना चुके हैं। वाराणसी की दोनों घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह के सदस्यों के भी पकड़े जाने के बाद यही बात सामने आई थी। इसमें एक ग्रुप ऑटो, दूसरा ग्रुप ट्रेन से जबकि सरगना व उसके कुछ अन्य साथी एक दिन रुकने के बाद फ्लाइट से शहर छोड़कर भागे थे।