प्रयागराज। फाल्गुन की तृतीया तिथि पर मंगलवार को त्रिजटा स्नान होगा। इसी के साथ त्रिजटा स्नान के इंतजार में रुके कल्पवासी भी विदा हो जाएंगे। मान्यता है कि इस दिन त्रिजटा स्नान से पूरे महीने भर के कल्पवास और संगम स्नान का फल प्राप्त हो जाता है।
रेती पर बसे शिविरों में प्रवास करने वाले सैकड़ों कल्पवासी मंगलवार को त्रिजटा स्नान करेंगे। इसके अलावा महीने भर जो लोग कल्पवास और स्नान नहीं कर सकें हैं, वो श्रद्धालु भी इस तिथि पर संगम में डुबकी लगाकर पुण्य बटोरेंगे। ज्योतिषाचार्य ब्रजेंद्र मिश्र के अनुसार जो लोग मास पर्यंत कल्पवास व यज्ञ-अनुष्ठान नहीं कर पाते, वह त्रिजटा स्नान कर पूरे महीने के फल बटोर लेते हैं। इसी तरह ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय के मुताबिक माघ महीने में त्रिजटा स्नान का फल सबसे अधिक माना जाता है। इसलिए कि सीता का हरण कर जब रावण पंचवटी में ले गया था, तब वहां त्रिजटा नामक राक्षसी ने उनकी बहुत सेवा की थी। इसी के बाद से त्रिजटा के नाम पर संगम में डुबकी लगाने की परंपरा है।
राम नाम की कमाई त्रिजटा स्नान तक जुटाएंगे श्रद्धालु
प्रयागराज। सेक्टर -एक स्थित राम नाम बैंक के शिविर में भगवान के नाम की कमाई श्रद्धालु मंगलवार को त्रिजटा स्नान तक करेंगे। राम नाम सेवा संस्थान की अध्यक्ष गुंजन वार्ष्णेय के अनुसार सैकड़ों भक्तों ने पूर्णमासी के दिन राम नाम लिखकर जमा किया, जबकि कुछ श्रद्धालु त्रिजटा स्नान करने के बाद राम नाम जमाकर संगम से विदा लेंगे। उनके अनुसार पूरे माघ मास में कल्पवास के दौरान जप, तप, ध्यान में कोई भी त्रुटि रह गई हो तो पूर्णमासी के बाद अतिरिक्त त्रिजटा स्नान के माध्यम से दोषों से मुक्ति पाने की परंपरा रही है। अब तक इस नाम बैंक में 8925 खाताधारकों ने राम नाम जमा किया है।