प्रयागराज। माघ मेला के परेड मैदान में खादी ग्रामोद्योग प्रदर्शनी का पंडाल बृहस्पतिवार को कवि सम्मेलन में खूब ठहाके लगे। हास्य व्यंग पर जहां श्रोता मुग्ध होकर झूमे वहीं आजादी के तरानों के बीच लोगों को कौमी एकता का संदेश दिया गया।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ युवा हास्य कवि योगेश झमाझम की चुटीली रचना से हुआ। उन्होंने पढ़ा मेल हो फीमेल कॉमनसेंस होना चाहिए, प्यार के चश्मे में लेंस होना चाहिए सहित कई रचनाओं से लोगों को खूब हंसाया। संचालन कर रहे प्रख्यात गीतकार शैलेंद्र मधुर ने आप जब से उदास बैठे हैं, गम मेरे आसपास बैठे हैं और आज लुटने से बच नहीं सकता, सब मेरे खास-खास बैठे हैं कि प्रस्तुति से खूब वाहवाही बटोरी।
मुख्य अतिथि आकाशवाणी केंद्र के निदेशक लोकेश शुक्ला रहे। उन्होंने कवियों का उत्साहवर्धन किया। अध्यक्षता गीतकार रवि प्रकाश ने करते हुए पढ़ा धीरे-धीरे साथ के भी पार हो गए हम तो यारों यार के भी यार हो गए। योगेंद्र कुमार मिश्र प्रख्यात कौमी एकता का संदेश दिया। प्रेमचंद करमपुरी, कमल प्रतापगढ़ी,डॉ.आभा श्रीवास्तव ने प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस दौरान तिरंगा हो कफ़ न मेरा, यही वरदान है मेरा की प्रस्तुति ने लोगों में जोश भर दिया।
कवि सम्मेलन में क्षेत्रीय ग्राम उद्योग अधिकारी अभय कुमार त्रिपाठी, राम अवतार यादव, राकेश गुप्ता, लालजी धुरिया, गिरजा शंकर पांडे, रामकरण दुबे, सुनील कुमार, अभिनव श्रीवास्तव, आशुतोष के साथ खादी संस्थाओं के प्रतिनिधि और श्रोता मौजूद रहे।