जिला अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म में दोषी को 21 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने 32 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। यह आदेश अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (पाॅक्सो एक्ट) विनोद कुमार चौरसिया ने लोक अभियोजक विनय कुमार त्रिपाठी को सुनकर दिया। बिहार के भभुआ थाना क्षेत्र अंतर्गत पतेसर गांव निवासी सरफराज खां के खिलाफ धूमनगंज थाने में दुष्कर्म, अपहरण और पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।
अभियोजन के अनुसार पीड़िता घटना के समय 17 वर्ष की नाबालिग थी। आरोपी सरफराज खां ने उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले में पीड़िता के बयान, स्कूल के अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों से उसे नाबालिग माना गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि पीड़िता बालिग थी और उसके परिवार वालों ने रंजिशन झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। साथ ही आरोपी के अच्छे चरित्र, कम उम्र और प्रथम अपराध होने का हवाला देते हुए न्यूनतम सजा की मांग की।