म्यांमार में आए भूकंप के झटकों को बुधवार शाम को संगमनगरी के लोगों ने भी महसूस किया। घरों में मौजूद लोगों को झटके का अहसास हुआ तो चीखते हुए घरों से बाहर निकले। शोरगुल सुनकर दूसरे लोग भी घर के बाहर आ गए। लोग एक-दूसरे से झटका महसूस होने की बात करने लगे। इस दौरान लोगों के चेहरे पर दहशत साफ नजर आ रही थी। बच्चे कुछ ज्यादा परेशान नजर आए। काफी देर तक सड़क पर इंतजार के बाद लोग घरों में गए। टीवी और मोबाइल पर धरती में हलचल की खबरों के बात तो कुछ देर तक यह चर्चा आम रही।
हालांकि यह झटका कुछ ही सेकेंड का रहा जिसके चलते उन्हीं लोगों को पता चला जो बैठे हुए थे। भूकंप आने का शोर मचा तो लोग बाहर सड़क पर निकल आए। जो जिस हाल में था, घर के बाहर सुरक्षित स्थान की ओर भागा। सलोरी, शिवकुटी, मम्फोर्डगंज, सिविल लाइंस, दारागंज, करेली, नखासकोहना, राजरूपपुर समेत अन्य मोहल्लों में भूकंप के झटकों के बाद सड़क पर चारों तरफ लोग नजर आए।
कैलाशपुरी के वकील अवधेश मिश्र अपने चैंबर में बैठे हुए थे। अचानक टेबल पर रखी पेन में हलचल महसूस हुई तो वह बाहर निकलकर भागे। कुछ ऐसा ही ममता मिश्रा, रचना का भी कहना था। सिविल लाइंस के ब्रजेश चंद मिश्र अपनी कार में बैठने जा रहे थे। उन्हें कार में बैठते ही कुछ कंपन्न महसूस हुआ तो बाहर आ गए। कुछ ही देर में अन्य लोगों को बाहर आते देखा। करेली के समाजसेवी मोहम्मद हारून टीवी को हिलते देख घरवालों को बुलाते हुए बाहर निकले ।
करेली की आफताब कलीम किचन में थीं। अचानक झटका महसूस हुआ तो वह बेटियों उमरा और वानिया को लेकर दहशत में घर से बाहर आ र्गइं। चांदपुर सलोरी के वकील अशोक कुमार शुक्ला घर में बैठे चाय पी रहे थे। इस बीच टेबल रखा लैंप अचानक गिर पड़ा तो वह कुछ समझ नहीं पाए। लेकिन जब उन्हें खुद के भी हिलने का अहसास हुआ तो बाहर भागे। अहमदगंज के फूल के कारोबारी रूआब अली को भूकंप का झटका महसूस हुआ। जब तक वह कुछ समझ पाते मोहल्ले के लोग चिल्लाते हुए बाहर भाग रहे थे। यह देखकर वह भी बाहर निकल आए। तब उन्हें पता चला कि यह झटके भूकंप के थे। बाहर निकलने के बाद लोग एक दूसरे से फोनकर भूकंप का झटका लगने की बात कंफर्म करने लगे।