क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर का ऑपरेशन करने वाले और बीबीसीआई के अधिकृत चिकित्सक डॉ. अनंत जोशी ने दूरबीन विधि से स्पोर्ट्स इंजरी के बारे में अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि मेडिकल साइंस बहुत आगे बढ़ चुकी है। खेल के समय लगने वाली गंभीर चोटों को दूरबीन विधि से ऑपरेट कर खिलाड़ी को जल्द ठीक किया जा सकता है। मामूली चोटें खिलाड़ियों के लिए बाधा नहीं बनतीं।
देश में वर्ष 1988 में सबसे पहले दूरबीन विधि से ऑपरेशन शुरू करने वाले डॉ. अनंत जोशी ने शुक्रवार की रात एक मरीज का लाइव ऑपरेशन किया। एक निजी अस्पताल में रात के समय आधुनिक ओटी में डॉ. अनंत ने श्रीनिवास धाम रामपुर के रहने वाले अजय कुमार यादव के घुटने का ऑपरेशन किया। शनिवार को अजय को देख रहे डॉ. केडी त्रिपाठी ने बताया कि सर्जरी सफल रही। मरीज को काफी आराम है।
इंग्लैंड से ऑर्थोकॉन में शामिल होने आए डॉ. माइकल क्रोनी ने सुपर पैथ टेक्निक से कूल्हा लगाने के बारे में जानकारी दी। इस विधि की खासियत है कि ऑपरेशन के दौरान मरीज की मांसपेशियां सुरक्षित रहती हैं। इस विधि से मरीजों को काफी राहत मिलती है। उन्होंने अपनी इस तकनीक का प्रदर्शन वीडियो (सचल चित्र) के माध्यम से किया। इसी तरह इंग्लैंड से ही आए भारतवंशी डॉ. कपिल कुमार ने भी कूल्हा बदलने के बारे में नई विधि बताई।
ऑर्थोकॉन में देश विदेश से आने वाले डॉक्टरों के लिए तीन सभागारों में तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में डॉ. एके गुप्ता मेडिकल सेशन में डॉ. रजत कपूर, डॉ. धर्मेंद्र कुमार, डॉ. जफर अहमद खान, डॉ. निखिल जैन, डॉ. सचिन यादव, डॉ. संजीव कुमार तथा डॉ. एसके सर्राफ, डॉ. आलोक शर्मा, डॉ. राजीव, डॉ. जीतेंद्र माहेश्वरी शामिल हुए। गंगा सभागार में डॉ. संजीव धवन, प्रो. एससी गोयल, डॉ. अशोक श्याम, डॉ. शिवम सिनहा आदि रहे। वहीं स्पाइन सिप्मोजियम में प्रो. अनिल जैन, डॉ, एचएस छाबड़ा, प्रो. राजनारायण, डॉ. शंकर आचार्य, डॉ. अरविंद जायसवाल, डॉ. नीतीश कुमार मीना, डॉ. तुषार राठी समेत बड़ी संख्या में हड्डी रोग विशेषज्ञ उपस्थित रहे।