आगरा से हजरत निजामुद्दीन के बीच 160 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से गतिमान एक्सप्रेस चलाने के बाद रेलवे ने अब दिल्ली-कानपुर-इलाहाबाद-गया-हावड़ा रूट पर 200 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की योजना है। रेलवे ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए रेलवे बोर्ड द्वारा इस रेलखंड को उच्चीकृत करने के लिए 7500 करोड़ रुपये की धनराशि अभी हाल ही में स्वीकृत की गई है। इस प्रोजेक्ट के कोआर्डिनेशन की जिम्मेदारी उत्तर मध्य रेलवे इलाहाबाद को सौंपी गई है।
पिछले साल ही एनसीआर को देश की सबसे तेज गति वाली ट्रेन गतिमान मिली। अब इसके बाद रेलवे ने दिल्ली-हावड़ा रूट पर भी सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाने की तैयारी की है। इसके लिए अब इस रूट को मॉडिफाई किया जाना है। यहां ट्रैक को भी इस लायक बनाया जाएगा, ताकि उसमें 200 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेन चल सके। ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) भी संबंधित रूट की अपग्रेड होगी। रेलवे की तैयारी है कि पहले चरण में जिन ट्रेनों में एलएचबी कोच है उन्हें 160 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ाया जाए।
इस रूट पर अभी प्रयागराज एक्सप्रेस, महाबोधि, पूर्वा, पुरुषोत्तम, स्वतंत्रता सेनानी, शिवगंगा आदि ट्रेनें ही है, जिसमें एलएचबी कोच लगे हुए हैं। यहां रेेल कोच फैक्ट्री कपूरथला द्वारा जैसे-जैसे एलएचबी कोच की उपलब्ध कराए जाएंगे, वैसे-वैसे इस रूट पर चलने वाली हर एक ट्रेन को उससे लैस किया जाता रहेगा। रेलवे बोर्ड ने इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के कोआर्डिनेशन की जिम्मेदारी एनसीआर के इलाहाबाद मंडल को दी है। इसके लिए बोर्ड ने कुल 7500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए है। डीआरएम इलाहाबाद एसके पंकज ने इसकी पुष्टि की है।
‘यह कार्य पूरा होने में दो से तीन साल का वक्त लग सकता है। कार्य पूरा होने के बाद इस रूट पर ट्रेनें 200 किमी प्रतिघंटे तक की रफ्तार से दौड़ सकेंगी।’
- एसके पंकज, डीआरएम, इलाहाबाद।