सीसैट से प्रभावित अभ्यर्थियों को पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में दो अतिरिक्त अवसर दिए जाने के निर्णय के बाद मई में प्रस्तावित प्रारंभिक परीक्षा तकरीबन दो माह के लिए टलने जा रही है। सीसैट से प्रभावित अभ्यर्थियों को भी अब आवेदन करने का मौका दिया जाएगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को पुनर्विज्ञापन जारी करना पड़ेगा। अफसरों को उम्मीद है कि मई के पहले या दूसरे हफ्ते में पुनर्विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा।
सीसैट पर शासनादेश जारी किया गया है कि इससे प्रभावित उन्हीं प्रतियोगी छात्रों को दो अतिरिक्त अवसर मिलेंगे, जो वर्ष 2013 की पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में अनिवार्य रूप से शामिल हुए हों। शासनादेश में यह भी कहा गया है कि एक जुलाई 2017 को सामान्य वर्ग अभ्यर्थियों की आयु अगर 40 वर्ष से अधिक है और आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की आयु 45 वर्ष से अधिक है तो उन्हें 2017 एवं 2018 की परीक्षा में शामिल होने के लिए दो अतिरिक्त अवसर दिए जाएंगे। शासनादेश जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग अब पुनर्विज्ञापन जारी करने की तैयारी कर रहा है। आयोग के सचिव अटल कुमार राय ने बताया कि मई के पहले या दूसरे हफ्ते में पुनर्विज्ञापन हो जाएगा। ऐसे में प्रारंभिक परीक्षा जुलाई में हो सकती है।
हालांकि, सीसैट पर निर्णय आने के पहले से ही पीसीएस प्रारंभिक परीक्षा 21 मई को प्रस्तावित है। इस बार पीसीएस-प्री के लिए प्रतियोगियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए थे। आवेदन की अंतिम तिथि 27 मार्च निर्धारित की गई थी। तय तिथि तक कुल चार लाख 57 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। आवेदन से पहले 251 पद विज्ञापित किए गए थे लेकिन बाद में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) के 49 नए पद आ गए। इस तरह कुल 300 पद हो गए हैं। पीसीएस-प्री की परीक्षा इलाहाबाद समेत 21 शहरों में होनी है। पुनर्विज्ञापन की स्थिति में परीक्षा तिथि टलेगी और बदली परिस्थितियों में प्रारंभिक परीक्षा का आयोजन जुलाई के महीने में ही किया जा सकेगा।