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दिवाली पर आ तो गए, अब लौटने की टेंशन

Thu, 19 Oct 2017 08:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
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डेमो - फोटो : डेमो
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दिवाली मनाने के लिए लोग ट्रेनों, बसों एवं अन्य माध्यमों से इलाहाबाद तो पहुंच गए लेकिन अब उनके सामने लौटने की समस्या खड़ी हो गई है। दरअसल, दिवाली के बाद की सभी तिथियों में इलाहाबाद से विभिन्न स्थानों की ओर जाने वाली ट्रेनों पर यात्रियों की भीड़ का जबरदस्त दबाव है।  वापसी भीड़ के चलते रविवार 22 अक्तूबर  को ट्रेनों में इस सीजन की सर्वाधिक भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। रूट चाहे दिल्ली का हो या फिर मुंबई का। सभी रूटों की प्रमुख ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा हो गई है। कुछ में नो रूम की स्थिति है। लोगों को अब कनफर्म टिकट का इंतजार है। ऐसे में यात्रियों के पास अब सिर्फ तत्काल टिकट का ही विकल्प बचा है।
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0 दिवाली मनाने के बाद 22 अक्तूबर  को इस सीजन की सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ने की उम्मीद है। शायद इसी वजह से इलाहाबाद से नई दिल्ली जाने वाली कई प्रमुख ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची हो गई है। 12417 प्रयागराज एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेन के स्लीपर श्रेणी में 21 अक्तूबर को स्लीपर में 552 एवं 22 अक्तूबर को प्रतीक्षा सूची 675 पर पहुंच गई है। प्रयागराज के थर्ड एसी में रविवार को प्रतीक्षा सूची 300 के आंकड़े को पार कर गई है। यही स्थिति आनंद विहार जाने वाली 12427 रीवा एक्सप्रेस की भी है। रीवा के साथ ही 12801 पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, 14055 ब्रह्मपुत्र में एसी थ्री, स्लीपर में रविवार को जहां नो रूम है तो अन्य तिथियों में लंबी प्रतीक्षा सूची है। शिवगंगा एक्सप्रेस, महाबोधि एक्सप्रेस, ब्रह्मपुत्र मेल, मडुंवाडीह-नई दिल्ली सुपरफास्ट समेत दिल्ली जाने वाली अन्य ट्रेनों का भी यही हाल है।

दिवाली बाद मुुंबई, चेन्नई रूट की तरफ जाने वाली ट्रेनें भी यात्रियों से ठसाठस हैं। मुंबई जाने वाली महानगरी एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस, हावड़ा-मुंबई मेल, काशी एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में अगले कई दिन कंफर्म टिकट की गुंजाइश नहीं है। महानगरी एक्सप्रेस में 30 अक्तूबर तक सभी श्रेणियों में प्रतीक्षा सूची है। दिल्ली रूट की तरह रविवार को मुंबई जाने वाली भी सभी ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची काफी लंबी हो गई है। इलाहाबाद से लोकमान्य तिलक जाने वाली 11070 तुलसी एक्सप्रेस, मुंबई दुरंतो भी यात्रियों से ठसाठस है। यही हाल 12150 पटना-पुणे एक्सप्रेस का भी है। चेन्नई जाने वाली गंगा कावेरी, संघमित्रा एक्सप्रेस आदि ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची हो जाने की वजह से यात्री  परेशान है। अमूमन मेरठ जाने वाली 14511 नौचंदी एक्सप्रेस में दिल्ली रूट की प्रमुख ट्रेनों के मुकाबले भीड़ कम रहती है। लेकिन इस सप्ताह इस ट्रेन में लंबी प्रतीक्षा सूची है। नौचंदी के स्लीपर में 21 एवं 22 जून को नो रूम है। इसमें 24 अक्तूबर को स्लीपर में कुछ बर्थ खाली है। मेरठ जाने वाली संगम एक्सप्रेस, जयपुर जाने वाली इलाहाबाद-जयपुर में भी शनिवार एवं रविवार को लंबी प्रतीक्षा सूची ने यात्रियों को परेशान कर दिया है।
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फेस्टिवल सीजन में रेलवे द्वारा इस बार तमाम स्पेशल ट्रेनें चलाई गई है। हालांकि अधिकांश स्पेशल ट्रेनों में भी लंबी  प्रतीक्षा सूची हो गई  है। ऊपर से स्पेशल ट्रेनों की लेटलतीफी भी यात्रियों के लिए सिरदर्द से कम नहीं है। ऐेस में यात्रियों के पास अब रेलवे की ‘तत्काल’ सेवा का ही विकल्प बचा है। हालांकि इस सेवा का लाभ लेने के लिए यात्रियों को सुबह सवेरे ही लाइन में लगना पड़ेगा। क्योंकि ‘तत्काल’ सेवा का टिकट संबंधित ट्रेन छूटने के एक दिन पहले ही उपलब्ध होता है। इसके लिए लोग सुबह ही लाइन लगा लेते हैं। ऐसे मेें चंद लोगों को ही इस सेवा का लाभ मिल सकता है।
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