शास्त्री पुल के दारागंज-झूंसी लेन पर तकरीबन 43 दिन बाद बृहस्पतिवार से आवामगन शुरू हो गया। इसी महीने के अंत में सावन का महीना और कांवड़ यात्रा शुरू होने के कारण एक बार फिर दारागंज-झूंसी लेन को बंद कर दिया जाएगा।
शास्त्री पुल के दारागंज-झूंसी लेन पर तकरीबन 43 दिन बाद बृहस्पतिवार से आवामगन शुरू हो गया। इसी महीने के अंत में सावन का महीना और कांवड़ यात्रा शुरू होने के कारण एक बार फिर दारागंज-झूंसी लेन को बंद कर दिया जाएगा। इस वजह से लोगों को प्रयागराज से वाराणसी तक एक बार फिर वन वे ट्रैफिक से अगले एक महीने तक जूझना पड़ेगा।
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शास्त्री पुल की दारागंज झूंसी लेन की 2200 मीटर सड़क का मरम्मत कार्य लोक निर्माण विभाग खंड तीन करा रहा था। 43 दिन तक चले मरम्मत कार्य के बाद बृहस्पतिवार से लोगों के दो और चार पहिया वाहनों के लिए प्रभावित लेन को खोला गया। सुबह छह बजे ही ट्रैफिक पुलिस ने लोगों के आवागमन के लिए दारागंज-झूंसी लेन को आवागमन के लिए खोल दिया था।
चार जून को दारागंज से झूंसी आने वाली लेन पर मरम्मत से पहले झूंसी से दारागंज जाने वाली लेन पर ट्रैफिक को वन वे किया गया था। इसी बीच पुलिस भर्ती परीक्षा को ध्यान में रखते हुए आठ से दस जून तक तीन दिनों के लिए पुल पर सड़क की मरम्मत का कार्य बंद कर दिया गया। 11 जून से दोबारा प्रभावित लेन पर ब्लाॅक लेकर मरम्मत कार्य शुरू किया गया। पर 12 जून को सुबह आठ बजे से ही वन वे ट्रैफिक में इस कदर जाम लगा कि लोगों के पसीने छूट गए। हालत यह हुई कि भीषण गर्मी में लोग अपने वाहनों के साथ एक जगह पर घंटों खड़े रहे।
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बृहस्पतिवार की सुबह से ही पुल के प्रभावित लेन से दो और चार पहिया वाहन सरपट दौड़े। लोगों को भी करीब सवा महीने बाद थोड़ी राहत मिली। हालांकि 28 जुलाई से सावन का महीना और कांवड़ यात्रा शुरू होने के कारण शास्त्री पुल से लेकर वाराणसी तक ट्रैफिक को कांवड़ियों के लिए वनवे कर दिया जाएगा। ऐसे में लोगों को चंद दिनों बाद एक बार फिर माह भर तक वन वे ट्रैफिक से जूझना पड़ेगा।