स्कूलों में छुट्टी की घंटी बजते ही शुक्रवार दोपहर शहर के कई इलाकों में यातायात व्यवस्था फिर लड़खड़ा गई। बच्चों को लेने पहुंचे अभिभावकों ने अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जिससे कई जगह आधी सड़क घिर गई। देखते ही देखते वाहनों की लंबी कतार लग गई और लोगों को जाम से जूझना पड़ा।
जाम के कारण देख राहगीरों ने खुद ही रास्ते बदल लिए। इसके बाद जाम की स्थिति थोड़ी कम हुई। कई मार्गों पर महज 10 से 15 मिनट का सफर आधे से एक घंटे में बदल गया।
हिंदू हॉस्टल, जीएचएस चौराहा, पत्थर गिरजाघर, प्रधान डाकघर से हर्ष होटल जाने वाला मार्ग, मेडिकल चौराहा, शिवकुटी, कमला नेहरू मार्ग, स्टेनली रोड समेत कई इलाकों में दोपहर के समय वाहनों का दबाव बढ़ गया। कई स्थानों पर सैकड़ों मीटर तक गाड़ियां रेंगती रहीं। स्कूलों के आसपास यातायात प्रभावित रहा।
जानसेनगंज, हाईकोर्ट पानी टंकी और बालसन चौराहे पर भी वाहनों की लंबी कतार नजर आई। छुट्टी के समय अचानक बढ़े यातायात दबाव के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ी। मम्फोर्डगंज निवासी बाइक चालक आशीष कुमार ने बताया कि छुट्टी के समय स्कूलों के आसपास यातायात प्रबंधन की व्यवस्था जरूरी है।
ई-रिक्शा भी बिगाड़ रहे यातायात व्यवस्था
स्कूलों में छुट्टी के बाद जगह-जगह ई-रिक्शा खड़े हो जाते हैं। सड़क किनारे बेतरतीब खड़े ई-रिक्शों के कारण यातायात प्रभावित होता है। अचानक बढ़ने वाले वाहनों के दबाव के बीच ई-रिक्शों की अव्यवस्थित पार्किंग समस्या को और बढ़ा देती है। यातायात प्रभारी मनोज सिंह ने बताया कि जाम से निपटने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जल्द समस्या का समाधान दिलाया जाएगा।
इन प्रमुख कारणों से लग रहा जाम
1. स्कूल छुट्टी के समय बच्चों को लेने पहुंचे अभिभावक अपने वाहन सड़क किनारे खड़े कर देते हैं। इससे सड़क का बड़ा हिस्सा घिर जाता है और यातायात प्रभावित होता है।
2. स्कूलों के आसपास छुट्टी के समय बड़ी संख्या में ई-रिक्शा खड़े हो जाते हैं। सवारी के इंतजार में सड़क किनारे खड़े रहने से जाम की स्थिति बन जाती है।
3. छुट्टी के वक्त काफी छात्रों और अभिभावकों के अलावा अन्य वाहन एक साथ सड़क पर आ जाते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था पर अचानक दबाव बढ़ जाता है।
4. कई स्कूलों के बाहर छुट्टी के समय वाहनों को नियंत्रित करने या पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने से अव्यवस्था बढ़ जाती है।
5. ई-रिक्शा और अन्य वाहन सड़क पर ही रुककर सवारी या बच्चों को बैठाने लगते हैं, जिससे पीछे आने वाले वाहनों की रफ्तार धीमी हो जाती है और जाम लग जाता है।
स्कूल की छुट्टी के समय हर दिन यही स्थिति बन जाती है। कुछ मिनट का रास्ता तय करने में आधे घंटे से ज्यादा लग जाता है। यातायात व्यवस्था के लिए अलग से इंतजाम होना चाहिए। -
पंकज गुप्ता, चौक
बच्चों को लेने आने वाले अभिभावकों के वाहन सड़क किनारे खड़े हो जाते हैं। इससे पूरी सड़क पर दबाव बढ़ जाता है। इसका असर आम राहगीरों पर पड़ता है। -
गोपाल बाबू जायसवाल, कटरा
जाम में फंसने के बाद इंतजार करने के बजाय मजबूरी में अक्सर दूसरा रास्ता लेना पड़ता है। अगर पहले से व्यवस्था हो तो परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। -
आशीष टंडन, अतरसुइया
स्कूलों की छुट्टी के समय यातायात पुलिस और स्कूल प्रबंधन को मिलकर व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि सड़क पर अव्यवस्था न फैले। -
हरिमोहन वर्मा, मीरापुर