चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के लिए कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह अभियान बुधवार 10 जून से शुरू होगा। कैट ने इस अभियान को " भारतीय सामान - हमारा अभिमान" नाम दिया है।
कैट की ओर से यह भी कहा गया है कि हमारा लक्ष्य है कि दिसंबर 2021 तक चीनी वस्तुओं के भारत द्वारा आयात में लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपए कम कर दिए जाएं। कैट ने चीन से आयात होने वाले लगभग तीन हजार उत्पादों की ऐसी सूची बनाई है जिन वस्तुओं के आयात न होने से भारत को कोई अंतर नहीं पड़ेगा और वो सारी वस्तुएं भारत में पहले से ही बन रही है।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीण खंडेलवाल ने कहा की इस अभियान के अंतर्गत जहां कैट व्यापारियों को चीनी वस्तुएं न बेचे जाने के लिए आग्रह करेगा, वही देश के लोगों से चीनी वस्तुओं के स्थान पर स्वदेशी उत्पादों को इस्तेमाल में लाने का आग्रह करेगा। कैट के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र गोयल ने बताया कि पीएम मोदी के आह्वान " लोकल पर वोकल" को सफल बनाने में कैट एक अहम भूमिका निभाएगा।
कैट का मानना जब भी चीनी सामान के बहिष्कार की बात होती है तब कुछ लोग हमेशा यह सवाल उठाते हैं की यह हो नहीं सकता, लेकिन भारत के व्यापारी भारतीय नागरिकों के साथ मिलकर इसको कर के दिखाने का संकल्प ले चुके हैं। यह काम एक रात में नहीं होगा लेकिन हम इसकी शुरुआत करेंगे और अपने लक्ष्य को हासिल करेंगे। प्रयागराज के ग्राहकों में भी चीनी वस्तुओं को लेकर एक आक्रोश है और वो भी अब चीनी वस्तुओं के स्थान पर स्वदेशी वस्तुओं को खरीदने के लिए ज्यादा तैयार हैं ।