चकिया स्थित माफिया अतीक के दफ्तर में मिले खून के निशान।
- फोटो : अमर उजाला।
जांच के लिए पहुंची फोरेंसिक टीम ने खून के धब्बों की फोटोग्राफी की, नमूने लिए। चाकू के साथ सीढ़ियों की रेलिंग व दरवाजों के हैंडल से फिंगर प्रिंट भी लिए। सूत्रों के मुताबिक, फोरेंसिक टीम को कुल नौ स्थानों पर खून के धब्बे मिले हैं। नमूने लेकर टीम वापस चली गई। मौके पर पहुंचे डीसीपी नगर दीपक भूकर व एसीपी कोतवाली सत्येंद्र प्रसाद तिवारी ने बताया कि फोरेंसिक टीम नमूनों को जांच के लिए भेज रही है।
रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकेगा। वैसे, खून के धब्बे एक से दो दिन पुराने लगते हैं। माना जा रहा है कि जो भी हुआ, रविवार या शनिवार रात हुआ होगी। व्यस्ततम इलाका होने के कारण यहां दिन में घटना संभव नहीं लगती। दरवाजे-खिड़कियां क्षतिग्रस्त होने के चलते सड़क से ही भीतर तक का नजारा दिख जाता है।
माफिया अतीक के चकिया स्थित दफ्तर में खून के निशान मिलने पर पहुंची पुलिस।
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हत्या से लेकर खुदकुशी के प्रयास तक की आशंकाएं
चाकू व धब्बे मिलने पर पहली आशंका है कि यहां चाकू से किसी की जान लेने की कोशिश की गई हो। पीड़ित भागा हो और खून की बूंदें भूतल से लेकर छत तक गिरी हों। दूसरी आशंका खुदकुशी के प्रयास की है। हो सकता है कि किसी ने यहां आकर चाकू से खुद पर वार कर जान देने की कोशिश की हो। इसी दौरान कोई वहां पहुंच गया हो, जिसे देखकर वह भाग गया हो। तीसरी आशंका नशेड़ियों या चोरों के बीच विवाद को लेकर भी है।
चकिया स्थित माफिया अतीक के दफ्तर में मिले खून के निशान।
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नशेड़ियों-चोरों का काम तो नहीं
पुलिस अधिकारी इसकी भी आशंका जता रहे हैं कि यहां नशेड़ियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ हो और उन्होंने आपस में हमला किया हो। दरअसल, खंडहर भवन नशेड़ियों के लिए मुफीद है। रात में तो उन्हें रोकने-टोकने वाला कोई नहीं। एक आशंका चोरों पर भी जा रही है क्योंकि यहां बड़ी मात्रा में सरिया व लोहे का अन्य सामान पड़ा है। हो सकता है कि चोर भीतर घुसे हों। इसी दौरान उनके बीच विवाद हुआ हो और उन्होंने चाकू चलाया हो। फिर, भाग निकले हों।