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‘भाई’ यानी अतीक का सबसे खास गुर्गा है तोता, 40 मुकदमे हैं सिर पर

Mon, 19 Oct 2020 08:01 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
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अतीक अहमद का सबसे खास शूटर जुल्फेकार उर्फ तोता (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
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कसारी मसारी के रहने वाले जिस जुल्फिकार उर्फ तोता का तीन मंजिला आशियाना रविवार को ढहाया गया, वह माफिया अतीक अहमद का सबसे खास गुर्गा है। 40 साल के इस हिस्ट्रीशीटर अपराधी पर उसकी उम्र के बराबर मुकदमे दर्ज हैं। कुल 40  मुकदमों का आरोपी तोता आईएस 227 गिरोह का सबसे शॉर्प शूटर है जिस पर हत्या, हत्या केप्रयास, अपहरण, लूट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है।
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अतीक अहमद का राइट हैंड माने जाने वाले तोता का पिता अंसार पहलवान कभी अतीक का बेहद भरोसेमंद था। उसकी हत्या के बाद तोता अतीक की पनाह में जा पहुंचा और उसका शागिर्द बन गया। धीरे-धीरे उसने न सिर्फ भरोसा जीता बल्कि अतीक के गिरोह का सबसे खास कारिंदा हो गया। निशाना अचूक होने के कारण ही वह शॉर्प शूटर बन बैठा और फिर अतीक के इशारे पर आपराधिक वारदातों को अंजाम देने लगा। 2003 में उस पर पर पहला मुकदमा हत्या के प्रयास के आरोप में धूमनगंज थाने में दर्ज हुआ। जिसमें लंबे समय तक वह फरारी काटता रहा।

2007 में उस पर अपहण, मारपीट, धमकी, बलवा समेत अन्य धाराओं में दूसरा केस दर्ज हुआ। 2008 में चोरी, धोखाधड़ी केसाथ कुल पांच मुकदमे दर्ज हुए जिसमें गैंगस्टर केतहत की गई कार्रवाई भी शामिल थी। इसके बाद उस पर दर्ज मुकदमों की फेहरिस्त लंबी होती चली गई जिसमें हत्या से लेकर हत्या का प्रयास, अपहरण, लूट, चोरी, रंगदारी मांगना व बमबाजी जैसे मामले शामिल थे। आपराधिक वारदातों में लगातार नाम आने के बाद 2018 में  उस पर गैंगस्टर एक्ट के तहत दो मामले धूमनगंज थाने में दर्ज किए गए। धूमनगंज के अलावा उस पर कर्नलगंज, कैंट, खुल्दाबाद व करेली थाने में मुकदमे दर्ज हैं। 

कई मामलों में अतीक संग सहअभियुक्त

जुल्फिकार उर्फ तोता कई आपराधिक मामलों में अतीक अहमद संग सहअभियुक्त भी है। इनमें 2015-16 में धूमनगंज में ट्रैक डिपो के पास जीतेंद्र पटेल हत्याकांड,  मरियाडीह में अल्कमा सुरजीत हत्याकांड, राजूपाल हत्याकांड के गवाह को धमकी, प्रॉपर्टी डीलर को अगवा कर धमकाने जैसे कुछ चर्चित मामले शामिल हैं।

2017 में भेजा गया था जेल 20 हजार का था इनामी

पुलिस ने बताया कि अल्कमा सुरजीत हत्याकांड में नाम आने केबाद तोता फरार हो गया था। जिसके बाद उस पर गैंगस्टर की भी कार्रवाई की गई। 20 हजार का इनाम भी घोषित किया गया। 2017 में धूमनगंज इलाके में मुठभेड़ के दौरान उसे क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार किया।
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कबूला था, भाई के लिए करता हूं काम

2017 में गिरफ्तारी केदौरान पुलिस अफसरों ने दावा किया था कि तोता ने पूछताछ में कबूल किया है कि वह अतीक के लिए काम करता है। उसके लिए रंगदारी, जमीन कब्जाने समेत अन्य आपराधिक वारदातें भी कबूलीं। पुलिस अफसरों ने यह भी दावा किया था कि जीतेंद्र पटेल हत्याकांड के बाबत पूछताछ में भी तोता ने बताया कि उसे पहली गोली अशरफ जबकि दूसरी गोली उसने मारी थी।

गैंगस्टर के सभी मुकदमों में होगी 14(1) की कार्रवाई

पुलिस अफसरों का कहना है कि अतीक अहमद गिरोह के जितने भी सदस्यों पर गैंगस्टर के मामले दर्ज हैं, उन पर 14(1) की कार्रवाई की जाएगी। सीओ अजीत सिंह चौहान ने बताया कि आईएस 227 गिरोह के सदस्यों पर गैंगस्टर के मुकदमों की पड़ताल कराई जा रही है। इनकी अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों को चिह्नित कर जल्द ही रिपोर्ट उच्चाधिकारियों के माध्यम से जिला प्रशासन को भेजी जाएगी। अनुमति मिलने के बाद इन संपत्तियों को कुर्क किया जाएगा। 
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