हाईकोर्ट की बेंच पश्चिमी यूपी बनाने के विरोध में क्रमिक अनशन पर बैठे वकीलों के हौसले में बृहस्पतिवार को नई जान आ गई। ठंड और बारिश के बावजूद अनशन पर डटे वकीलों को चार सांसदों ने भी समर्थन की घोषणा कर दी है। फूलपुर सांसद केशव प्रसाद मौर्य, इलाहाबाद के सांसद श्यामा चरण गुप्ता, कौशांबी के सांसद विनोद सोनकर और भदोही के सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने वकीलों के साथ मंच साझा किया और उनकी हर लड़ाई में साथ देने का वादा किया है। इस बीच अधिवक्ताओं को दिल्ली गए प्रतिनिधिमंडल के वापस लौटने का इंतजार है। प्रतिनिधि मंडल की शुक्रवार को गृहमंत्री राजनाथ सिंह से वार्ता होनी है। इसके बाद ही आगे की रणनीति तय हो पाएगी। हाईकोर्ट बार के महासचिव सीपी उपाध्याय ने बताया कि सांसद केशव प्रसाद मौर्य ने 50 सांसदों का हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन विधि मंत्री सदानंद गौड़ा को दिया है। ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने वाले सभी सांसद हाईकोर्ट की बेंच विभाजन के खिलाफ हैं। सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने बंटवारे को दुखद बताते हुए कहा कि उच्च न्यायालय का बंटवारा नहीं होने दिया जाएगा। सांसदों के साथ पूर्व विधायक प्रभाशंकर पांडेय, भाजपा महानगर अध्यक्ष शशि वार्ष्णेय, युवा मोर्चा अध्यक्ष नंदू पांडेय, नरेंद्र देव पांडेय और संतोष पांडेय मौजूद थे।
बृहस्पतिवार को अनशन पर बैठने वालों में विकास त्रिपाठी, पीडी त्रिपाठी, श्रवण कुमार दुबे, मंगला प्रसाद त्रिपाठी, कैलाश पाठक, सुरेंद्र मिश्र, संतोष कुमार उपाध्याय, डॉ. डीके तिवारी, आलोक शर्मा, अरविंद सिंह बिसेन, सत्यम पांडेय, गोविंद नारायण, श्रीराम पांडेय, संतोष कुमार राय, अभिजीत पांडेय, सुरेंद्र नाथ मिश्र, चंद्रभूषण दुबे आदि शामिल थे। वकीलों के मंच को पूर्व अध्यक्ष वीपी श्रीवास्तव, एडीशनल सॉलीसिटर जनरल अशोक मेहता के अलावा उदय शुक्ला, सुरेश यादव, रामानुज शुक्ला, नन्हें लाल त्रिपाठी, डीके तिवारी, अभिषेक चौहान आदि ने भी संबोधित किया।
सभा के संघर्ष समिति ने प्रस्ताव पास कर बताया कि चारों सांसदों ने अपने पूरे सहयोग का आश्वासन दिया है। उच्च न्यायालय विभाजन के खिलाफ सभी लड़ाई को तैयार हैं। संघर्ष समिति की बैठक पीडी त्रिपाठी और अवधेश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई।