गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में मासूम बच्चों की मौत पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह के बयान की चौतरफा आलोचना हो रही है। इससे नाराज समाजवादी पार्टी के छात्रों ने रविवार को मंत्री के राजापुर स्थित आवास पर टमाटर और अंडे फेंके। इसके पहले कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी उनके आवास के बाहर प्रदर्शन किया। मंत्री के आवास पर हंगामे की सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। आननफानन में जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों को सूचित किया गया। कुछ ही देर में मौके पर पुलिस के साथ पीएसी भेजी गई। घर पर फोर्स तैनात कर दी गई है।
प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह का बयान कि ‘गोरखपुर में हर वर्ष अगस्त में बच्चों की मौत होती है’, लोगों को नागवार लगा। इससे भड़के समाजवादी पार्टी के छात्रों ने शाम करीब साढ़े चार बजे मंत्री के आवास पर पहुंचे और बच्चों की मौत पर आपत्तिजनक बयान देने का आरोप लगाते हुए टमाटर और अंडे फेंके। इस दौरान उनका इस्तीफा भी मांग गया। इस्तीफा न देने पर आरपार की लड़ाई की चेतावनी दी गई। हालांकि, उस दौरान मंत्री के घर पर सिर्फ उनके पीआरओ थे। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। फोर्स के पहुंचने तक छात्र वहां से निकल गए। इसमें इविवि छात्रसंघ उपाध्यक्ष अदील हमजा, पूर्व उपमंत्री अंकुश यादव, मो. सुफियान, संदीप यादव, मो. इमदाद, अमरीश यादव, फैसल अकबर, सुधीर यादव आदि शामिल थे।
इसके पहले जिला कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ताओं ने हसीब अहमद के नेतृत्व में स्वास्थ्य मंत्री के आवास का घेराव किया। प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मंत्री से इस्तीफे की मांग की गई। इस दौरान हसीब ने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में व्यवस्था चरमरा गई है। मोदी और योगी चुनावी वादों को पूरा करने में नाकाम साबित हो रहे हैं। कांग्रेसियों ने मंत्री के इस्तीफे के साथ दोषी अफसरों को भी बर्खास्त करने की मांग की। सूचना मिलने पर कैंट समेत कई थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंची लेकिन तब तक प्रदर्शनकारी वहां से जा चुके थे। इसमें विजय श्रीवास्तव, जिशान अहमद, शिव करन, मोहम्मद हसीन, मोहम्मद अकरम, महताब खां, सरफराज खान, मुजीब कुरैशी आदि शामिल थे। कांग्रेस कमेटी केप्रदेश महासचिव मुकुंद तिवारी ने भी स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गनाइजेशन (एआईडीएसओ) ने रविवार को स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह का पुतला फूंका। इस दौरान प्रदेश सरकार पर गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौते पर स्वास्थ्य मंत्री के बयान पर नाराजगी जताते हुए मामले में लीपापोती करने का आरोप लगाया। कार्यकर्ताओं ने मंत्री के बयान की निंदा करते हुए इस्तीफेकी मांग की। इसमें विजय प्रताप सिंह, हेमंत कुमार, दीपक, प्रखर, क्रियांशु, जितेंद्र, हरिकेश, रंजन, प्रभात, मदन, राकेश, देवेश आदि शामिल थे।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने रविवार को कैंडल मार्च निकालकर गोरखपुर के मेडिकल कॉलेज में हृदय विदारक घटना में मृत मासूमों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की भी मांग की गई। एबीवीपी कार्यकर्ता शाम को इविवि छात्रसंघ भवन पर जुटे। शाम छह बजे कैंडल मार्च निकाला गया जो बालसन चौराहा तक गया। यहां गांधी प्रतिमा स्थल पर सभा हुई। यहां कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सभा में दोषी अधिकारियों, प्रधानाचार्य सहित अन्य लोगों पर कानूनी कार्रवाई करने, मृत मासूमों के परिजनों को उचित मुआवजा देने तथा प्रकरण की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई। इविवि छात्रसंघ अध्यक्ष रोहित मिश्र ने कहा कि इस घटना ने सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इसमें राजा बृजेश यादव, अनुज सिंह, रिंकू पयासी, आनंद सिंह, वीरेंद्र चौहान, अश्वनी मौर्य, अभिषेक नीरज सिंह आदि शामिल थे।