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इविवि को आज मिलेंगे नए कार्यवाहक वीसी

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Today will get new caretaker VC
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प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) का अगला कार्यवाहक कुलपति कौन होगा, यह मंगलवार को स्पष्ट हो जाएगा। मौजूद कार्यवाहक कुलपति प्रो. केएस मिश्र 14 जनवरी को रिटायर होने जा रहे हैं और सेवानिवृत्ति से पहले वह कुलपति का पद वरिष्ठता सूची में शामिल किसी शिक्षक को सौंप देंगे। नए कार्यवाहक कुलपति के नाम को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं और पद के लिए वरिष्ठता सूची में शामिल कई शिक्षक अपने-अपने तर्कों के साथ दावा कर रहे हैं।
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वरिष्ठता सूची में सबसे पहला नाम प्रो. एसए अंसारी का है। उनके बारे में चर्चा की जा रही है कि वह इस पद की जिम्मेदारी संभालने से पीछे हट सकते हैं। हालांकि कुलपति पद के लिए सबसे प्रमुख दावेदार वही हैं। इसके बाद प्रो. केएस मिश्र का नंबर है, जो मंगलवार को रिटायर हो जाएंगे। तीसरे नंबर पर डीन आर्ट्स प्रो. पीके साहू भी 15 जनवरी को रिटायर हो जाएंगे। ऐसे में प्रो. अंसारी के बाद कुलपति पद के लिए दूसरे दावेदार वरिष्ठता सूची में चौथे नंबर पर शामिल प्रो. आरआर तिवारी हैं।
प्रो. तिवारी के बाद वरिष्ठता सूची में प्रो. रंजना बाजपेयी का नाम है। हालांकि प्रो. पीके साहू के रिटायर होने के बाद प्रो. रंजना बाजपेयी डीन आर्ट्स की जिम्मेदारी संभालने जा रही हैं। प्रो. रंजना को कुलपति पद का दावेदार भी माना जा रहा है। वहीं, इविवि के एक डीन ने भी कुलपति पद के लिए इस तर्क के साथ दावा किया है कि अगर वरिष्ठता सूची को लेकर कोई विवाद है तो इविवि के सबसे वरिष्ठ डीन को कार्यवाहक कुलपति बना दिया जाए। चर्चा है कि वरिष्ठता सूची में शामिल तमाम शिक्षक अपने-अपने तर्कों के साथ कार्यवाहक कुलपति पद के लिए दावा कर रहे हैं। फिलहाल मंगलवार को नए कार्यवाहक कुलपति का पदभार संभालने के बाद तस्वीर अपने आप साफ हो जाएगी।
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प्रो. केएस मिश्र के सेवा विस्तार की भी रही चर्चा
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के अगले कार्यवाहक वीसी को लेकर विश्वविद्यालय परिसर में सोमवार को दिनभर तमाम चर्चाएं होती रहीं। इनमें एक चर्चा यह भी थी कि प्रो. केएस मिश्र की ओर से कुलपति के पद पर सेवा विस्तार के लिए मंत्रालय को एक प्रस्ताव भेजा गया था लेकिन मंत्रालय से इस प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया। साथ ही मंत्रालय से निर्देश जारी किए गए कि रिटायरमेंट के बाद इविवि के किसी वरिष्ठ प्रोफेसर को कुलपति का चार्ज सौंप दिया जाए।
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