वाराणसी के थे दोनोें शूटर, 26 नवंबर को दिनदहाड़े हुई थी फायरिंग
एक नामजद समेत तीन आरोपियोें ने किया कोर्ट में सरेंडर
प्रयागराज। खुल्दाबाद के अटाला निवासी अपराधी टीपू (24) की हत्या की सुपारी चार लाख रुपये में दी गई थी। सुपारी वाराणसी के दो शूटरों ने ली थी जिनमेें से एक मौके से पकड़ा गया था। मामले में एक नामजद व दो अन्य आरोपियों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि पुरानी रंजिश में उसकी हत्या की साजिश रची गई थी।
अटाला निवासी टीपू खुल्दाबाद थाने के टॉप 10 अपराधियोें में से एक है। 26 नवंबर को उस पर सरेआम फायरिंग हुई थी जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हुआ था। जिसके बाद कई दिनों तक उसका इलाज भी चला। घटना के बाद भाग रहे एक बदमाश को भीड़ ने पकड़ लिया था जबकि उसका साथी फरार हो गया था। पकड़े गए बदमाश मुमताज निवासी मैदागिन वाराणसी बेतहाशा पिटाई से गंभीर रूप से घायल हुआ था जिसमें उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। कई दिन बाद पुलिस ने उसे जेल भेजा था।
खुल्दाबाद पुलिस ने बताया कि जांच पड़ताल में पता चला कि मामले में नामजद कराए गए फहद व अरमान ने अटाला निवासी मुन्ना नाम के एक व्यक्ति की मदद से टीपू की हत्या की साजिश रची। मुन्ना ने ही उन्हें वाराणसी के दो शूटरों मुमताज व शाहिद से मिलवाया जो चार लाख रुपये में हत्या करने को राजी हो गए। पूछताछ में मुमताज ने भी अपने फरार साथी के रूप में शाहिद का नाम लिया जिस पर वाराणसी में कई मुकदमे दर्ज हैं। जानकारी मिलने के बाद शाहिद के घर दबिश दी ग्रई तो वह गैंगस्टर के पुराने मामले में जमानत तोड़वाकर कोर्ट में हाजिर हो गया। उधर मुन्ना व एक नामजद आरोपी फहद ने भी कोर्ट में सरेंडर कर दिया।
एक साल पहले की रंजिश मेें रची साजिश
खुल्दाबाद इंस्पेक्टर रोशनलाल ने बताया कि जांच में यह साफ हो गया है कि मामले में नामजद सगे भाई फहद व अरमान ही पूरी साजिश के सूत्रधार हैं। एक साल पहले उनकी डेयरी पर फायरिंग हुई थी जिसमें टीपू भी नामजद हुआ था। इसी विवाद को लेकर दोनों उससे रंजिश रखते थे। दूसरे नामजद आरोपी अरमान की तलाश की जा रही है।