विशेषज्ञ टीम के सदस्य मायूस, अनुमति के बाद लगाए जाएंगे वाईफाई कैमरे
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बारिश में झाड़ियां घनी होने से रेस्क्यू में आ रही बाधा
फतेहगंज पश्चिमी। सोमवार को बाघिन की फुटेज कैमरे में दिखाई न देने से उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पाई, जिससे दुधवा से पहुंची विशेषज्ञ टीम के सदस्य मायूस हो गए। लोकेशन के लिए एक्सपर्ट डॉ. दयाशंकर की अगुवाई में बाघिन को ट्रेस करने के लिए 16 कैमरे लगाए गए थे। अब मोबाइल पर बाघिन की लोकेशन देखने के लिए वाईफाई कैमरे लगाने की योजना है। हालांकि मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा ने एक दो दिन में एक और एक्सपर्ट टीम आने के बाद ही वाईफाई कैमरे लगाने की बात कही है।
पिछले एक सप्ताह से बाघिन की फुटेज कैमरों में नही दिखने के कारण उसकी लोकेशन नहीं मिल रही है, जिससे दो दिन पहले दुधवा टाइगर रिजर्व से डॉ. दयाशंकर की अगुवाई में आई टीम ने बाघिन को जल्दी पकड़ने का दावा करते हुए रबर फैक्ट्री इलाके में 16 ट्रैप कैमरे लगाए थे। टीम के मुताबिक, अगर मंगलवार को भी बाघिन की लोकेशन कैमरों में नहीं दिखी तो अफसरों से अनुमति लेने के बाद वाईफाई कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे बाघिन की लोकेशन किसी भी समय और कहीं रहकर मोबाइल पर देखी जा सकेगी।
मुख्य वन संरक्षक ललित वर्मा ने बताया कि लोकेशन नहीं मिलने से बाघिन को पकड़ने में दिक्कत हो रही है। एक-दो दिन में एक्सपर्ट की नई टीम भी रबर फैक्ट्री पहुंचेगी। तभी वाईफाई कैमरे लगाने की योजना बनाई जाएगी। रबर फैक्ट्री में मौजूद घनी झाड़ियां बाघिन के रेस्क्यू में बाधा वन रही है।