लेंहड़ी में शनिवार सुबह करीब नौ बजे तालाब में भेड़ों को नहलाने लेकर गए तीन किशोर गहरे पानी में चले गए। दो किशोरों को तो बचा लिया गया लेकिन एक तालाब में समा गया। सूचना पर पहुंचे परिजनों ने लोगों की मदद से शव को बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस भी शव का पोस्टमार्टम के लिए भेजने लगी तो उन्होंने पीएम कराने से इन्कार कर दिया। इस दौरान पुलिस से नोकझोंक भी हुई।
सोनबरसा गांव के भेड़ पालक विजय प्रकाश पाल का बेटा मुकेश पाल (17) चाचा ओम प्रकाश पाल और उनके दो बेटों विवेक पाल (15) और विशाल पाल (13) के साथ भेड़ों को नहलाने के लिए एक किलोमीटर दूर लेंहड़ी तालाब पर गया था।
भेड़ों को नहलाते समय एक भेड़ ने मुकेश पाल को धक्का दे दिया। खुद को बचाने के चक्कर में वह विवेक और विशाल को पकड़ने लगा। इसी दौरान तीनों तालाब में गिर गए।
ओम प्रकाश पाल ने किसी तरह से विवेक और विशाल को तो बाहर निकाल लिया लेकिन भतीजे मुकेश पाल को नहीं बचा सके। वह गहरे पानी में डूब गया। स्थानीय लोगों ने मुकेश को बाहर निकालकर सीएचसी रामनगर पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मेजा के एसीपी संत प्रसाद उपाध्याय ने बताया कि परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया है।
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खनन माफिया ने 20 फीट खोदा डाला तालाब
ग्रामीणों ने बताया कि खनन माफिया ने तालाब की मिट्टी को करीब 20 फीट तक खोद डाला था। इस वजह से तालाब गहरा हो गया था। इसका लोगों ने विरोध किया था। मुकेश को भी जानकारी नहीं थी कि तालाब इतना गहरा है। वहीं, एसडीएम मेजा नीलम उपाध्याय ने कहा कि बगैर अनुमति के अगर तालाब की खोदाई की गई है तो गलत है। जांच कर मिट्टी निकालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।