इस दौरान वह नदी में समा गए। इसके बाद शाम छह बजे के करीब परिजन महेवा घाट पहुंचे और नैनी पुलिस को इसकी सूचना दी। तीनों किशोरों के डूबने की सूचना पर घाट पर पहुंची पुलिस ने उनकी तलाश में गोताखोरों को नदी में उतारा। एक घंटे के बाद गोताखोरों ने तीनों किशोरों के शव को नदी से बाहर निकाला। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए किशोरों के शवों को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया। इंस्पेक्टर नैनी बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि किशोर किसके साथ आए थे यह स्पष्ट नहीं हो सका है। अभी परिजनों से बातचीत कर हकीकत की जानकारी ली जा रही है। गोताखोरों ने तीनों के शवों को नदी से बाहर निकाल लिया है।
घाट पर बालू निकासी के कारण हो गए हैं गड्ढे
भले ही शासन ने घाटों पर सूखा बालू उठाने का ठेका दिया है, लेकिन खुलेआम नदी के अंदर से बालू निकासी का काम दिनभर चल रहा है। लोगों के अनुसार बालू निकासी के कारण घाट के किनारों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। सोमवार को नदी में नहाने के दौरान किशोर इन्हीं गड़्ढों में समा गए। गोताखाेरों ने तीनों के शव को नदी से महज 20 फीट दूरी पर बरामद कर लिया। किशोरों के डूबने की सूचना जैसे ही घाट पर पहुंची वैसे ही घाट पर बालू निकासी करने वाले वहां से फरार हो गए। दिन-रात गुलजार रहने वाले घाट पर पुलिस के पहुंचते ही सन्नाटा परस गया।