इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के ताराचंद हॉस्टल में रहने वाले तीन छात्रों को निलंबित कर दिया गया है। तीनों पर आरोप है कि उनके नाम से आवंटित कमरों में अवांछित लोग रहते हैं और वहां से आपराधिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बुधवार आधी रात के बाद इविवि प्रशासन और पुलिस टीम ने वहां संयुक्त रूप से छापेमारी की। इस दौरान तीनों छात्रों के कमरों पर अवैध कब्जे और वहां अवांछनीय लोगों के रहने के सुबूत मिले हैं।
इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे, डीएस डीएसडब्ल्यू प्रो. हर्ष कुमार समेत पुलिस टीम ने बुधवार को आधी रात के बाद जब ताराचंद हॉस्टल में छापा मारा तो कुछ अंत:वासियों को पहले ही इसकी भनक लग गई और छापेमारी से पहले वे भाग खड़े हुए। हॉस्टल में पहुंचने के बाद अफसरों को कुछ कमरों की लाइटें जलती हुईं मिलीं और ताले भी नहीं लगे थे। इन कमरों में कुछ अवांछित लोगों के रहने के सुबूत मिले, जिसपर चीफ प्रॉक्टर ने बीए द्वितीय वर्ष के छात्र संजय सिंह, आकाश सिंह और बीएससी तृतीय वर्ष के छात्र सुधांशु को निलंबित कर दिया है। छात्रों को जारी नोटिस में कहा गया है कि हॉस्टल में छापेमारी के दौरान तीनों अपने कमरे में नहीं मिले जबकि कमरे की लाइट जल रही थी। तलाशी के दौरान कमरों से अन्य अज्ञात लोगों के परिचय पत्र, शैक्षणिक रिकार्ड आदि पाए गए।
जिन लोगों के शैक्षिक रिकार्ड पाए गए, उनका विश्वविद्यालय और हॉस्टल से कोई नाता नहीं। हॉस्टल के अन्य छात्रों ने अफसरों को बताया कि इन कमरों में कुछ अवांछित और अराजक तत्व रहते हैं। वहां से आपराधिक गतिविधियां संचालित की जा जाती हैं। छात्रों ने यह भी बताया कि सुधांशु को आवंटित कमरे में रोहित पटेल नाम का व्यक्ति रहता है, जिसकी गतिविधियां संदिग्ध हैं। तीनों छात्रों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने के साथ उन्हें विश्वविद्यालय से निष्कासित किए जाने और एफआईआर दर्ज कराकर विधिक कार्रवाई करने का नोटिस जारी किया गया है। साथ ही तीनों को तीन नवंबर को चीफ प्रॉक्टर के कार्यालय में शाम चार से पांच बजे के बीच स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने को कहा गया है। उन्हें स्पष्ट करना होगा कि अपने नाम से आवंटित कमरों में खुद रहने के बजाय उन्होंने अराजक तत्वों को कैसे रहने दिया।
इविवि के चीफ प्रॉक्टर प्रो. राम सेवक दुबे ने डीएम और एसएसपी को पत्र भेजकर हॉस्टल में अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई में सहयोग मांगा है और कार्रवाई के लिए पर्याप्त संख्या में फोर्स उपलब्ध कराने को कहा है। चीफ प्रॉक्टर ने पत्र के जरिये डीएम और एसएसपी को बताया है कि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में हॉस्टलों में वॉश आउट की कार्रवाई की गई थी। सभी हॉस्टल पूरी तरह से खाली करा लिए गए थे लेकिन हॉस्टलों के दोबारा आवंटन के बाद वहां फिर से अराजक तत्व हावी हो गए हैं और कमरों पर अवैध लोगों का कब्जा हो गया है।