Three smugglers arrested with four pistols
- फोटो : CITY DESK
चार पिस्टल के साथ तीन हथियार तस्कर गिरफ्तार
ओंकार गन हाउस से खरीदते थे कारतूस, आरोपी ने बताया
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। कारतूसों की कालाबाजारी में ओंकार गन हाउस के कर्मचारियों की पूछताछ के बाद क्राइम ब्रांच ने सोमवार को हथियार तस्करों के एक गिरोह को पकड़ लिया। उनके पास से चार पिस्टल बरामद हुई। पांच कारतूस मिले। पांचों कारतूस ओंकार गन हाउस से खरीदा गया था। पुलिस को जांच में पता चला है कि करेली और धूमनगंज में बेचे गए अवैध असलहों में ओंकार गन हाउस से खरीदी हुई कारतूसों का प्रयोग होता था।
क्राइम ब्रांच ने दो दिन पहले कारतूस की कालाबाजारी में शाहगंज स्थित ओंकार गन हाउस के मालिक अनिल कुमार साहू व उसके कर्मचारी वासिफ को गिरफ्तार किया था। दोनों की धरपकड़ पिस्टल संग पकड़े गए झलवा निवासी चक्रपाणि त्रिपाठी व भावेश द्विवेदी निवासी पीपलगांव झलवा से पूछताछ में मिली जानकारी के बाद की गई थी। अनिल साहू और वासिफ से पूछताछ के बाद पुलिस ने झलवा में ट्रैवल एजेंसी चलाने वाले धीरेंद्र यादव को पकड़ लिया। धीरेंद्र अक्सर गन हाउस से कारतूस खरीदकर ले जाता था। उसके पकड़े जाने के बाद मुख्य आरोपी आदित्य ओझा निवासी कंधईपुर और रम्मन का पुरवा के निहाल आर्या को भी गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से चार पिस्टल और पांच कारतूस पकड़े गए। एसपी क्राइम आशुतोष मिश्रा ने बताया कि आदित्य ओझा स्वराज नगर के सुजीत कलूट से 15 से 20 हजार रुपये में खरीदकर पिस्टल 25 से 30 हजार में बेचता था। कारतूस का इंतजाम धीरेंद्र यादव करता था। निहाल पिस्टल बिकवाने के लिए ग्राहकों की तलाश करता था।
अवैध असलहों के साथ अब कारतूसों की भी खोजबीन
क्राइम ब्रांच अब अवैध असलहों के साथ कारतूसों की भी खोजबीन पर ध्यान देगी। ओंकार गन हाउस से कालाबाजारी की बात सामने आने के बाद अब यह तय हो गया कि अवैध असलहों के लिए कारतूस गन हाउसों से ही मिलते हैं। क्राइम ब्रांच प्रभारी बृजेश सिंह ने बताया कि करेली और धूमनगंज में अवैध असलहों के लिए 90 फीसदी कारतूस ओंकार गन हाउस से ही खरीदे गए। कुछ और गन हाउस संदेह के घेरे में हैं। उनकी जांच की जा रही है।