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Prayagraj : बैंक अधिकारी बन ठगी करने वाले तीन गिरफ्तार, राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज हैं 15

Tue, 17 Feb 2026 05:13 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

फर्जी बैंक अधिकारी बनकर इंश्योरेंश, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने समेत अन्य तरह का झांसा देकर ठगी करने वाले गैंग का साइबर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आरोपी मोबाइल फोन पर एपीके फाइल डाउनलोड कराकर पीड़ितों को चपत लगाते थे।
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cyber crime cyber fraud - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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फर्जी बैंक अधिकारी बनकर इंश्योरेंश, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने समेत अन्य तरह का झांसा देकर ठगी करने वाले गैंग का साइबर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। आरोपी मोबाइल फोन पर एपीके फाइल डाउनलोड कराकर पीड़ितों को चपत लगाते थे। आरोपी साउथ वेस्ट दिल्ली स्थित कपासहेड़ा निवासी मोनू कुमार, मोहम्मद साजिद उर्फ गोलू और दिल्ली के साउथ वेस्ट अंबेडकर कॉलोनी निवासी समीर आलम (23) के कब्जे से पुलिस ने आठ मोबाइल फोन, सात सिम कार्ड, पांच एटीएम कार्ड और 10 पासबुक बरामद की हैं। सोमवार को पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।

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10 सितंबर 2025 को सिविल लाइंस पुलिस ने मिंटो रोड निवासी व्यक्ति की शिकायत पर ठगी की एफआईआर दर्ज की थी। पीड़ित ने बताया था कि एक अंजान व्यक्ति ने फोन कर खुद को राजापुर स्थित एसबीआई बैंक का अधिकारी बताया। उसने कहा कि आपके क्रेडिट कार्ड पर इंश्योरेंस है। इसके बाद फिशिंग लिंक/एपीके फाइल भेजकर फोन हैक किया और खाते से 98,638 रुपये निकाल लिए।

घटना के बाद डीसीपी साइबर कुलदीप सिंह गुनावत के नेतृत्व में इंस्पेक्टर आलमगीर की टीम बैंक खाता नंबर के आधार पर आरोपियों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि आरोपी मोनू कुमार मूलरूप से बिहार के मुजफ्फरपुर व मोहम्मद साजिद और समीर आलम चंपारण के रहने वाले हैं। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के जरिये पता चला कि आरोपियों पर प्रदेश भर में 15 शिकायतें दर्ज हैं।
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ऐसे करते थे ठगी

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे फर्जी सिम कार्ड से लोगों को फोन कर खुद को बैंक अधिकारी बताते थे। इसके बाद एपीके फाइल डाउनलोड कराकर उनका मोबाइल फोन हैक कर लेते थे, फिर अकाउंट में रुपये ट्रांसफर कर एटीएम से निकाल कर आपस में बांट लेते थे। पुलिस से बचने के लिए वह फर्जी सिम का इस्तेमाल करते थे।.

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