इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में एसडीएम को तीन माह का अतिरिक्त समय दिया है। कहा है कि आदेश का पालन न होने पर अवमानना की कार्यवाही होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने राधेश्याम पांडे की याचिका पर दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में एसडीएम को तीन माह का अतिरिक्त समय दिया है। कहा है कि आदेश का पालन न होने पर अवमानना की कार्यवाही होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने राधेश्याम पांडे की याचिका पर दिया है।
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देवरिया निवासी राधेश्याम ने बहू की ओर से घर और जमीन पर कथित कब्जे को लेकर वरिष्ठ नागरिक अधिनियम-2007 के तहत कार्रवाई की मांग की थी। इस संबंध में जिला प्रशासन को प्रार्थना पत्र देने के बाद भी कार्रवाई न होने पर उन्होंने हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। इस पर कोर्ट ने मार्च 2025 के आदेश में संबंधित प्राधिकारी को निर्देश दिया था कि आवेदन पर सभी पक्षों को सुनकर दो माह में निर्णय लिया जाए। याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि आदेश की प्रति तीन अप्रैल 2025 को संबंधित अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से दी गई थी। इसके बावजूद अनुपालन नहीं हुआ।
कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टया अवमानना का मामला बनता है। लेकिन, तत्काल नोटिस जारी करने के बजाय एसडीएम को आदेश के पालन के लिए तीन माह का और समय दिया जाता है। कोर्ट ने निर्देश दिया कि याची दो सप्ताह के भीतर संबंधित अधिकारी को भेजने के लिए रजिस्टर्ड लिफाफा उपलब्ध कराए।