आखिर वही हुआ, जिसका अंदेशा था। कुंभ की तैयारी के नाम पर लगभग पूरे शहर में चल रहे ‘विकास कार्यों’ के तमाशे का खामियाजा बुधवार शाम शहरियों को साढ़े तीन घंटे की बारिश में ही भुगतना पड़ा। नाला सफाई के थोथे दावे की कलई खुल गई। शहर भर की लगभग हर सड़क और गली बरसाती पानी से लबालब हो गई। हालात तब और बिगड़े जब सड़क चौड़ीकरण के नाम पर खोदकर छोड़े गए गड्ढे पानी से भर गए। हर जगह लोग हादसे का शिकार हुए। इन्हीं गड्ढों में फंसकर सैकड़ों वाहन खराब हुए। सड़कों पर घुटने भर तक पानी जमा हो गया, कहीं-कहीं तो चार फीट तक। जिसके चलते अनुमान लगाना मुश्किल हो गया कि सड़क किधर है और नाला या गड्ढे किधर हैं। कई मोहल्लों के हजारों घरों में पानी घुस गया।
लंबा इंतजार कराकर बुधवार शाम आई मानसून एक्सप्रेस अपने साथ गर्मी से राहत के साथ आफत लेकर आई। कई दिन से दगा दे रहे बादल कई घंटे झूमकर बरसे। पांच बजे शाम से शुरू तेज बारिश ने भिगोने के साथ कहर भी बरपाया। शहर की लगभग हर सड़क-गली ताल तलैया बन गईं। कहीं घुटने तक तो कहीं कमर से ऊपर पानी मुसीबत बना रहा। अल्लापुर, अलोपीबाग, राजरूपपुर, करेली, आजाद नगर, पंजाबी कॉलोनी, कीडगंज में नई बस्ती, त्रिवेणी रोड, चौखंडी, बलुआघाट, मम्फोर्डगंज समेत कई मोहल्लों के सैकड़ों घरों में पानी घुस गया। बक्शी, मोरी गेट, मम्फोर्डगंज में जल निकासी के लिए पंप चलाए गए, फिर देर रात तक । करीब चार घंटे से अधिक हुई झमाझम बारिश रिकर्ड बना गई।
बुधवार दिन भर घमसी और उमस परेशान करती रही। शाम करीब पांच बजे अचानक शुरू हुई बारिश से लोग खुश हुए, लेकिन हवा के साथ तेज बरसात का पानी का असर पंद्रह मिनट बाद ही जलजमाव के रूप में दिखने लगा। पहले तो लोग जहां के तहां रुके बाद में भीगते हुए निकले लोग परेशान हुए। शाम सात बजे तक शहर का लगभग हर इलाका बारिश से सराबोर हो चुका था। हर मोहल्ले की सड़कें-गलियां लबालब हो गईं। रात करीब साढ़े आठ बजे धीमी हुई बारिश के बाद देर रात पानी लगा रहा।
जोरदार बारिश से शहर के लगभग हर मोहल्ले में जलजमाव के कारण लोग बुधवार शाम से रात तक घंटों फंसे रहे। अल्लापुर में मटियारा रोड, बाघंबरी गद्दी, बाघंबरी हाउसिंग स्कीम, शिवनगर कॉलोनी, अमिताभ बच्चन रोड, तिलक नगर, रामानंद नगर, ढडिया, कुंदन गेस्ट हाउस के पास, अलोपीबाग, सोहबतियाबाग, दारागंज, राधा रमण स्कूल के पास, सोहबतियाबाग, बैरहना, क्रास्थवेट स्कूल रोड, रामबाग सिटी स्टेशन के सामने वाली सड़क, कीडगंज में त्रिवेणी रोड, चौखंडी, बीच वाली सड़क, नेतानगर, लल्लू जी टेंट वाले के सामने से सत्ती शाह चौराहा तक, सीमेंट्री रोड, बाई का बाग, जीआईसी के सामने लाउदर रोड, स्टेशन रोड, नूरुल्ला रोड पर प्रयाग होटल के सामने, स्टेशन रोड पर दवा बाजार तक, करेली, करामत की चौकी, खुसरोबाग के पीछे वाली सड़क, मीरापुर, शास्त्री नगर, सदियापुर, गुरुद्वारा रोड, कटघर से हटिया जाने वाली सड़क पर घंटों जलजमाव रहा।
इसी तरह बारिश का पानी पॉश इलाकों में शुमार सिविल लाइंस की रोड पटरी, अशोक नगर, एल्गिन रोड, क्लाइव रोड, नवाब यूसुफ रोड पर बिजली घर छोर तक, निरंजन डॉट का पुल के नीचे, जार्ज टाउन, टैगोर टाउन, साउथ मलाका, लक्ष्मीनारायण रोड, कोठापार्चा, मम्फोर्डगंज में एमआईजी कॉलोनी, बेली, राजापुर, कटरा, शिवकुटी, तेलियरगंज, करेली, करामत की चौकी, मीरापुर, हर्षवर्धन नगर, सदियापुर, प्रीतम नगर, झलवा, राजरुपपुर तीस फीट रोड, पुलिस बूथ से कालिंदीपुरम मार्ग, बेनीगंज, अग्रसेन स्कूल के पास लूकरगंज, शहराराबाग आदि इलाकों में घुटने से ऊपर तक का पानी लगा रहा। बारिश में भीगते लोग कहीं वाहन खींचते दिखे तो कहीं गाड़ी बंद होने से बेबस ही खड़े रहे।
बुधवार रात लोगों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं रही। आसमान से बरसात और नीचे सड़क पर जलजमाव से लोगों को वाहन चलाना मुश्किल हो रहा था। जो जलभराव से किसी तरह निकले तो रामबाग, मेडिकल चौराहा, पानी टंकी के साथ निरंजन डॉट पुल के दोनों छोर पर जाम में फंसे रहे। करेली, नूरुल्ला रोड, स्टेशन रोड, खुसरोबाग के सामने, बेनीगंज, खुल्दाबाद, अग्रसेन इंटर कॉलेज के सामने आदि सड़कों पर शाम पांच बजे से रात साढ़े नौ बजे तक लोग फंसे रहे। पहले निकलने की होड़ में आड़े तिरछे फंसे वाहन बारिश में लोगों के लिए दिक्कत का कारण बने। पानी टंकी चौराहा पर भी ट्रैफिक पुलिस बेतरतीब फंसे वाहनों को निकलवाने में बेबस रही। सर्वाधिक दिक्कत निरंजन डॉट का पुल के दोनों छोर पर रही। यहा पुल के नीचे कमर तक भरे पानी में कई वाहन फंसे गए। बिजली घर और निरंजन छोर पर गाड़ियों और ई रिक्शा सवार शहरी घंटों फंसे रहे।
जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में दो पहिया वाहनों के साइलेंसर और इंजन में पानी घुसने सैकड़ों गाड़ियां बंद हुईं। चार पहिया वाहन जाम का कारण बने तो दोपहिया वाहन चालक बाइक, स्कूटी घसीटते दिखे। पुराने शहर की लगभग हर सड़क पर दो से चार नहीं बड़ी संख्या में लोग अपने वाहनों में किक मारते या भुक-भुक कर बंद हुए गाड़ियां घसीटते दिखे। सिविल लाइंस में नवाब यूसुफ रोड पर पटरी पर वर्कशाप चलाने वाले बारिश होते ही सामान समेट कर निकल गए। बड़ी संख्या में लोग वहां वाहन घसीटते पहुंचे तो लेकिन मिस्त्री न मिलने से मायूस हुए। क्रास्थवेट के सामने पांच कार और एक दर्जन से अधिक ईरिक्शा भी बंद होकर बीच सड़क खड़े दिखे। परेशानी तब बढ़ गई जब लोगों को खोजने से भी मिस्त्री नहीं मिले।