prayagraj news : प्रयागराज में फर्जी मेट्रोमोनियल साइट चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश।
- फोटो : prayagraj
सिविल लाइंस में फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के दफ्तर से पुलिस ने तीन सीपीयू जब्त कर लिए हैं। उसमें डेटा की जांच की जाएगी। वीरेंद्र कुमार का फोन नंबर तो मिला है, लेकिन वह बंद बता रहा है। वह शहर में कहां रहता है, यह बात किसी को नहीं मालूम है। सिविल लाइंस में मकान मालिक को एग्रीमेंट किया गया है, उसमें उसने छत्तीसगढ़ का पता लिखाया था। अब पुलिस की एक टीम छत्तीसगढ़ भेजी जाएगी। पुलिस उसके मोबाइल नंबर से लोकेशन पता लगाने का प्रयास कर रही है।
सिविल लाइंस पुलिस ने रविवार को बिग बाजार के पास से फर्जी मैट्रिमोनियल साइट के दफ्तर में स्टिंग ऑपरेशन कर मामले का खुलासा किया था। फर्जी मैट्रिमोनियल साइट चलाने वाले फर्जी फोटो और बायोडेटा के माध्यम से भोले-भाले लोगों को फंसाते थे। रजिस्ट्रेशन के बाद जब बायोडेटा में दिए गए नंबरों पर संपर्क किया जाता तो नंबर गलत बताता।
रजिस्ट्रेशन के नाम पर कस्टमर से छह से 12 हजार वसूल कर लिए जाते। रकम कम होती, इस कारण दो साल से चल रहे गोरखधंधे के खिलाफ किसी ने रिपोर्ट नहीं लिखाई थी। लेकिन, लखनऊ के रहने वाले दिनेश कुमार ने इसकी जानकारी एडीजी प्रेम प्रकाश को दी तो उसने मामले का पता लगाने को कहा।
महिला थानेदार दीपा सिंह और कांस्टेबिल अनीता ने कस्टमर बनकर स्टिंग ऑपरेशन किया। इसके बाद मामले का खुलासा किया गया। इंस्पेक्टर रवींद्र सिंह ने बताया कि दफ्तर से सीपीयू समेत तमाम कागजात जब्त किए गए हैं। सबकी जांच होगी। वीरेंद्र के बारे में पता लगाया जा रहा है। एक टीम को छत्तीसगढ़ भेजा जाएगा।