जिला अदालत ने नगर निगम के सफाई कर्मचारियों के साथ गालीगलौज, धमकी और सरकारी कार्य में बाधा डालने के 27 साल पुराने मामले में तीन आरोपियों को दोषी ठहराया है। वहीं, उन्हें छह महीने तक अच्छा व्यवहार व शांति बनाए रखने की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया है। यह आदेश अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप पारचा ने दिया।
आरोपी सुखलाल, मनोज कुमार और राजेंद्र कुमार के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। अभियोजन के अनुसार 18 जून 1999 को सफाई निरीक्षक अशोक टीम संग न्यू कैंट क्षेत्र की मस्जिद वाली गली में सरकारी नाली खुलवाने पहुंचे थे। आरोप है कि उस समय सुखलाल, मनोज और राजेंद्र ने विरोध कर सफाई कर्मचारियों के साथ गालीगलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। बाद में आरोपियों ने कार्यालय पहुंचकर भी हंगामा किया और वहां स्कूटर को ईंट मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया।
कोर्ट ने तीनों को दोषी ठहराते हुए कहा कि मामला 1999 का पुराना प्रकरण है। उनके खिलाफ पूर्व में कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ है। तीनों आरोपी 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि की जमानत देंगे और 30 दिन के भीतर जिला परिवीक्षा अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत होंगे। साथ ही यदि छह महीने की अवधि में वे शर्तों का उल्लंघन करते हैं तो उन्हें नियमानुसार कारावास की सजा भुगतनी पड़ेगी।