चांदी के बारे में पूछा और कहा कि इसकी पक्की रसीद दिखाओ नहीं तो सेल्स टैक्स आफिस में चांदी जमा करानी पड़ेगी। विक्रम और हिमांशु डर गए। सिपाही दोनों को लेकर खुशरोबाग के पास गए। कहा कि कहा पैसे दे दो नहीं तो फंस जाओगे। विक्रम ने बताया कि पैसे तो नहीं है। सारे पैसों की चांदी खरीद ली है। इसके बाद सिपाही चार किलो चांदी लूटकर फरार हो गए। हिमांशु ने बुलेट का नंबर नोट कर लिया था।
दोनों रात में ही शाहगंज थाने पहुंचे और तहरीर दी। बुलेट के नंबर के आधार पर पुलिस ने खोजबीन शुरू कर दी। रविवार को पता कि बुलेट प्रतापगढ़ के सिपाही राहुल सिंह की है। राहुल कंधई थाने में तैनात है। उसे पकड़ लिया गया। लंबी पूछता के बाद उसने घटना स्वीकार कर लिया।
उसने बताया कि साथ में नगर कोतवाली में तैनात राकेश सिंह और विशेष टीम में तैनात धर्म धुरंधर गुप्ता भी था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से लूटी गई चांदी और बुलेट बाइक बरामद कर ली गई है। तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। प्रतापगढ़ के पुलिस अधीक्षक ने तीनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
सीओ सत्येंद्र तिवारी ने बताया कि बुलेट बाइक के नंबर के आधार पर प्रतापगढ़ के सिपाही राहुल सिंह की पहचान हो गई थी। उसे पकड़ा गया तो पूरे मामले का खुलासा हो गया। चांदी और बुलेट बरामद हो गई है।
व्यापारी के गांव से हुई थी मुखबिरी
अलीगढ़ के निठावरी गांव का रहने वाला सिपाही राकेश सिंह प्रतापगढ़ में नगर कोतवाली में तैनात है। उसकी बहन की शादी सादाबाद में हुई है जहां पर विक्रम सिंह रहते हैं। वहीं आते जाते राकेश सिंह की गांव के कुछ लोगों से दोस्ती हो गई थी। उन्हीं लोगों ने मुखबिरी की थी कि विक्रम चांदी की खरीद फरोख्त करता है। वह शनिवार को प्रयागराज चांदी खरीदने जाएगा। इसी मुखबिर पर राकेश ने अपने दोनों साथियों राहुल सिंह और धर्म धुरंधर गुप्ता के साथ लूट का प्लान बनाया।
पकड़े गए आरोपी
1-सिपाही राकेश सिंह, निवासी निठावरी, अलीगढ़
2-सिपाही राहुल सिंह निवासी कृष्णा नगर, मथुरा
3-सिपाही धर्म धुरंधर गुप्ता निवासी छित्तमपुर, मुगलसराय