सिविल लाइंस थाना पुलिस ने तमिलनाडु से संचालित हाेने वाले एक ऐसे गैंग के तीन ठगों को गिरफ्तार किया है जो लोगों को लालच देकर उधम में पंजीकरण कराकर बैंक खाता खुलवा देते थे और फिर इन्हीं खातों का उपयोग ठगी की रकम को ट्रांसफर करते थे।
सिविल लाइंस थाना पुलिस ने तमिलनाडु से संचालित हाेने वाले एक ऐसे गैंग के तीन ठगों को गिरफ्तार किया है जो लोगों को लालच देकर उधम में पंजीकरण कराकर बैंक खाता खुलवा देते थे और फिर इन्हीं खातों का उपयोग ठगी की रकम को ट्रांसफर करते थे। खातों में आने वाले रुपये पर खाता धारक को एक फीसदी व गैंग के सदस्यों को 1.50 फीसदी कमीशन मिलता था। सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव को पिछले दिनों जानकारी मिली कि साइबर ठगी के मामले उनके ही थाना क्षेत्र से हो रही हैं। साइबर क्राइम सेल प्रभारी घनश्याम यादव को जानकारी देकर थाने में तैनात कंप्यूटर ऑपरेटर अजमल खां समेत अन्य टीमों को लगाया गया।
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बुधवार को साइबर अपराधियों की लोकेशन पोलो ग्राउंड मजार के पास मिली। पुलिस ने घेराबंदी कर शिवकुटी के सलोरी चांदपुर वर्तमान पता (गद्दोपुर शांतिपुरम फाफामऊ) निवासी आलोक रंजन गौरव, गद्दोपुर निवासी शुभम कन्नौजिया और मूलरूप से जम्मू कश्मीर थाना दोमाना वर्तमान पता (जयपुर के विद्याधर नगर गनपति टावर) निवासी पार्शव शर्मा निवासी को दबोच लिया। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि अलग-अलग तरीके का प्रलोभन देकर बैंकों में बिजनेस अकाउंट खुलवाते थे, सभी का चालू खाता रहता था। जिसका कमीशन 2.5 फीसदी दिया जाता था।
साइबर ठगी में 2.81 करोड़ रुपये का हुआ लेन-देन
नवंबर के पहले सप्ताह में सिविल लाइंस में एक व्यक्ति का खाता खुलवाकर साइबर ठगी में 2.81 करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया। बताया कि गैंग का सरगना तमिलनाडु में रहता है, जिसके खाते में रुपये भेजे जाते हैं। 2.81 करोड़ रुपये भी उसके खाते में भेजे गए। पूछताछ में पता चला कि कुछ दिन पहले तमिलनाडु पुलिस गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है।
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आरोपियों से स्टाम्प पेपर समेत अन्य सामान बरामद
पकडे़ गए आरोपियों से पुलिस ने छह चेक बुक, तीन एटीएम कार्ड, आठ स्टाम्प पेपर, पांच उद्यम रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, छह खाता खुलने का फार्म, 80 बैंक डिपोजिट/पे-स्लिप, चार मोबाइल फोन, एक एप्पल मोबाइल फोन, छह सिम कार्ड, छह पासबुक, विभिन्न कंपनी के सात मोहर के अलावा जम्मू कश्मीर में पंजीकृत एक कार बरामद किया है।