विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत गणना प्रपत्रों के संकलन व डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट प्रकाशन में कम से कम साढ़े छह लाख मतदाताओं के नाम कटेंगे।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत गणना प्रपत्रों के संकलन व डिजिटाइजेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट प्रकाशन में कम से कम साढ़े छह लाख मतदाताओं के नाम कटेंगे। इसके अलावा फरवरी में वोटर लिस्ट के अंतिम प्रकाशन में भी लाखों वोटरों की संख्या कम होगी।
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एसआईआर के तहत अब तक हुए डिजिटाइजेशन में एक लाख 47 हजार 548 मृतक वोटरों के नाम दर्ज पाए गए हैं। वहीं, दो लाख 91 हजार 790 मतदाता स्थायी रूप से किसी दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं जबकि एक लाख 50 हजार 712 वोटर एसआईआर के दौरान अनुपस्थित मिले हैं या उनके फॉर्म स्वीकार किए जाने योग्य नहीं हैं।
वहीं 67032 डुप्लीकेट मतदाता भी पाए गए हैं। इस हिसाब से मृतक, शिफ्टेड, अनुपस्थित एवं डुप्लीकेट मतदाताओं की संख्या तकरीबन छह लाख 57 हजार है। वहीं, अब तक लगभग 17 लाख मतदाताओं ने गणना प्रपत्र जमा नहीं किए हैं। आयोग ने प्रपत्राें के डिजिटाइजेशन की तिथि 11 दिसंबर तक बढ़ाई है। डीएम मनीष कुमार वर्मा ने मतदाताओं से अपील की कि अपने प्रपत्र समय से भरकर जमा कर दें।
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सपा ने पूछा, कहां लापता हो गए 805 वोटर
समाजवादी पार्टी ने जिला निर्वाचन कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए एक बूथ पर वोटरों की संख्या अचानक घटने पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का दावा है कि शहर पश्चिमी विधानसभा के मतदेय स्थल संख्या 211 में 2003 की वोटर लिस्ट में 1501 मतदाता थे और बाद में दूसरी मतदाता सूची अपलोड कर दी गई, जिसमें केवल 696 मतदाताओं के नाम हैं। सपा ने पूछा है कि इस मतदेय स्थल से 805 मतदाता कहां लापता हो गए।