पति की फोटो दिखातीं विजमा यादव
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विधायक ने बताया कि 19 जुलाई को उनके आवास पर रजिस्टर्ड डाक के जरिये भेजा गया एक पत्र उन्हें प्राप्त हुआ। इसमें पति की हत्या में सजा पा चुके मुल्जिमों के जेल में रहते बेटे की हत्या कराने की धमकी दी गई। साथ ही अश्लील भाषा का प्रयोग करते हुए पुलिस अफसर से झगड़ा करने का झूठा आरोप भी लगाया गया। पत्र में नैनी जेल अधीक्षक की ओर से अभियुक्तों के पक्ष में मेडिकल रिपोर्ट लगाने का भी जिक्र है।
विधायक का कहना है कि उनके पति ने भी हत्या की धमकी मिलने की लगातार शिकायत पुलिस अफसरों से की थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद आखिरकार उनकी हत्या कर दी गई। उनकी मांग है कि उन्हें व उनके परिवार को उचित सुरक्षा दी जाए। मामले में एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय का कहना है कि अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। जांच पड़ताल की जा रही है।
Prayagraj News : विजमा यादव, पूर्व विधायक।
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पत्र में जेल प्रशासन पर भी आरोप
विधायक को भेजे गए पत्र में जेल प्रशासन पर जवाहर यादव की हत्या में सजायाफ्ता कैदियों को अनुचित लाभ देने के भी आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा एक नेता का भी नाम लिया गया है। उधर इस मामले में केंद्रीय कारागार नैनी के वरिष्ठ जेल अधीक्षक पीएन पांडेय का कहना है कि आरोप निराधार हैं। उनके पिता कभी एम्स नहीं गए। जहां तक कैदियों को पैरोल मिलने की बात है तो यह निर्णय मेडिकल व प्रशासनिक रिपोर्ट के आधार पर शासन की संस्तुति पर राज्यपाल की ओर से लिया जाता है। इसमें जेल प्रशासन की कोई भूमिका नहीं होती।
पहली बार एके 47 से तड़तड़ाई थीं गोलियां
विधायक विजमा के पति जवाहर यादव उर्फ पंडित को बेहद सनसनीखेज तरीके से मौत के घाट उतार दिया गया था। जिले की यह पहली वारदात थी, जिसमें एके-47 का इस्तेमाल हुआ था और गोलियों की तड़तड़ाहट से सिविल लाइंस थर्रा उठा था। 23 साल बाद इस मामले में चार नवंबर 2019 को करवरिया बंधुओं को सजा सुनाई गई थी। जिसके बाद से वह नैनी जेल में निरुद्ध हैं।