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दीपावली पर खपाने को हजारों टन मिलावटी खोवा डंप

Thu, 12 Oct 2017 01:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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दीपावली पर हजारों टन मिलावटी खोवा खपाने की तैयारी शुरू हो गई है। बड़े पैमाने पर कोल्ड स्टोरेज और दुकानों में खोवा, पनीर स्टोर किया जाने लगा है, जिसे त्योहारों पर ‘मीठा जहर’ के तौर पर परोसा जाएगा। व्यापारियों का कहना है कि बाजार में आलू मिला खोवा बड़ी मात्रा में बिकने के लिए पहुंच भी गया है। प्रशासन के अफसरों से इसकी शिकायत हुई है, लेकिन कोई कार्रवाई होती दिख नहीं रही।
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व्यापारियों की मानें तो जिले में प्रतिदिन तकरीबन 6.61 लाख लीटर दुग्ध का उत्पादन होता है, जबकि, मांग आठ लाख लीटर से अधिक की है। यानी, तकरीबन डेढ़ लाख लीटर दुग्ध की कमी पहले से है। सामान्य दिनाें में ही तकरीबन 175 से 200 क्ंिवटल खोवा-पनीर रोजाना खपत होती है। इन्हें बनाने के लिए 70-80 हजार लीटर दूध की जरूरत होती है। व्यापारियाें के अनुसार त्योहारों में खोवा और पनीर की मांग तीन गुना तक बढ़ जाती है। दीपावली को एक सप्ताह शेष रहा गया है। ऐसे में डेयरी एवं दुकानों में पनीर, मिठाई की मांग तेजी से बढ़ने लगी है। व्यापारियों का साफ कहना है कि दूध, पनीर और खोवा की बढ़ी मांग को मिलावट ही पूरा कर सकती है। खोवा मंडी के एक व्यापारी का कहना है कि नकली खोवे की शिकायत तो अभी सामने नहीं आई है लेकिन आलू की मिलावट वाले खोवा से बाजार पट गया है। किसी भी समय छापेमारी करके इसे पकड़ा जा सकता है।

वहीं गंगापार में कौड़िहार, नवाबगंज, फाफामऊ खोवा की बड़ी मंडी है। इन बाजारों से इलाहाबाद के अलावा आसपास के जिलों के व्यापारी भी खोवा खरीदने के लिए आते हैं। दीपावली के मद्देनजर इन बाजारों में रौनक बढ़ गई है। आढ़तियों का कहना है कि खोवा के व्यापारियों को शुद्धता की जानकारी होती है, इसलिए ग्रामीण बाजाराें में मिलावट कम होती है।
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एक ही मंडी में खोवे के भाव में अंतर भी चौंकाने वाला है। खोवा मंडी कटरा में इनकी कीमत 200 से 280 रुपये प्रति किलो तक है। दाम में अंतर के बारे में व्यापारियों का एक टूक जवाब होता है, ‘जैसा माल वैसा दाम।’ प्रशासन को एक दर्जन से अधिक कोल्ड स्टोरेज तथा मिठाई की बड़ी दुकानों में अभी से खोवा के भंडारण की शिकायत मिली है। प्रशासन की ओर से इनसे इतर भी कुछ स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां मिलावट वाला खोवा तैयार होने की आशंका है। अभिहित अधिकारी एसपी सिंह का कहना है कि दीपावली के मद्देनजर मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान चलेगा।

खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच की सुविधा इलाहाबाद में नहीं है। इसकी वजह से संदिग्ध नमूने लखनऊ भेजे जाते हैं। वहां से रिपोर्ट आने में एक महीना लग जाता है। खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग की ओर से दशहरा से पहले छापेमारी करके 29 संदिग्ध नमूने एकत्र किए गए थे, लेकिन रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। दीपावली से पहले भी नमूने एकत्र किए जाएंगे लेकिन रिपोर्ट एक महीने बाद आएगी। तब तक पूरा मिलावटी खोवा तथा पनीर खप चुका होगा।

चिकित्सकों का कहना है कि दूध, खोवा, पनीर, मिठाई में मिलावट के कारण आंतों, फेफड़ों और गलों में इंफेक्शन हो जाता है। आंत में घाव होने की आशंका भी होती है। भोजन की नली और गले में भी घाव हो सकता है। इलाज में देरी पर बीमारी जानलेवा हो सकती है।
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