चार प्रहर की पूजा का विशेष फल
महाशिवरात्रि पर शास्त्रीय मान्यता के अनुसार चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व है। पौराणिक मान्यता के अनुसार चार प्रहर की साधना से धन, यश, प्रतिष्ठा और समृद्धि प्राप्त होती है। जिनके जीवन में संतान संबंधी बाधा हो रही हो, उन्हें भी यह साधना अवश्य करनी चाहिए।
चार प्रहर की पूजा का समय
प्रथम प्रहर पूजा का समय: सायं 06:19 बजे से रात्रि 09:26 बजे तक
द्वितीय प्रहर पूजा का समय: रात्रि 09:26 बजे से मध्यरात्रि 12:34 बजे तक
तृतीय प्रहर पूजा का समय: मध्यरात्रि 12:34 बजे से 27 फरवरी , प्रातः 03:41 बजे तक
चतुर्थ प्रहर पूजा का समय: 27 फरवरी , प्रातः 03:41 बजे से प्रातः 06:48 बजे तक
महाशिवरात्रि पर उमड़ा आस्था का महाज्वार, 64 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी महाकुंभ नगर। महाकुंभ के छठे और आखिरी स्नान पर्व महाशिवरात्रि पर संगम में पुण्य की डुबकी के लिए भक्ति का जन सागर फिर उफना गया है। देर रात तक डुबकी के लिए संगम पर लाखों श्रद्धालु पहुंच गए। पुण्यकाल और मुहूर्त का इंतजार किए बिना आधी रात से ही आस्था की डुबकी लगने लगी। मंगलवार को भी एक करोड़ से अधिक ने स्नान किया। अब तक 64 करोड़ से अधिक श्रद्धालु संगम में डुबकी लगा चुके हैं।