दीपावली पर इस बार पंचमहापुरुष राजयोग जैसे शक्तिशाली शुभ योग का मान होगा। 20 अक्तूबर को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल की लग्न से देवगुरु बृहस्पति केंद्र में होने से इस राजयोग का मान मिला है। ग्रह नक्षत्रम् ज्योतिष शोध संस्थान के ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय के अनुसार दीपावली में लक्ष्मी का प्रवेश घर, कार्यालय, प्रतिष्ठान में हो, इसके लिए स्थिर लग्न में माता महालक्ष्मी का पूजन करना चाहिए। गृहस्थों को पूजन करने के लिए स्थिर वृष लग्न शाम 6ः51 से रात्रि 8ः47 बजे तक रहेगी। वृष लगन की कुंडली बनाने पर देवगुरु बृहस्पति पराक्रम भाव में उच्च के हैं।
गुरु से जुड़ा है ज्ञान-मान और सम्मान
ज्योतिषाचार्य आशुतोष के मुताबिक उच्च राशि का बृहस्पति अनेक दोषों का शमन करता है जिसके चलते शुभ लाभ के संकेत दीपावली पर प्राप्त हो रहे हैं। देवगुरु बृहस्पति का संबंध शुभ लक्ष्मी, संतान तथा व्यक्ति के ज्ञान-मान-सम्मान से जुड़ा हुआ है, जिसके चलते ईमानदारी से व्यापार एवं निष्ठापूर्ण शिक्षा करने वाले जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति सहायक रहेंगे। इस वर्ष ऐसे व्यापारियों पर मां लक्ष्मी की कृपा बरसेगी।