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Diwali : दीपावली पर इस बार पंचमहापुरुष राजयोग, उच्च राशि के बृहस्पति के सानिध्य में दीप पर्व होगा विशेष शुभ

Sun, 19 Oct 2025 03:22 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

दीपावली पर इस बार पंचमहापुरुष राजयोग जैसे शक्तिशाली शुभ योग का मान होगा। 20 अक्तूबर को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल की लग्न से देवगुरु बृहस्पति केंद्र में होने से इस राजयोग का मान मिला है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दीपावली पर इस बार पंचमहापुरुष राजयोग जैसे शक्तिशाली शुभ योग का मान होगा। 20 अक्तूबर को सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल की लग्न से देवगुरु बृहस्पति केंद्र में होने से इस राजयोग का मान मिला है। ग्रह नक्षत्रम् ज्योतिष शोध संस्थान के ज्योतिषाचार्य आशुतोष वार्ष्णेय के अनुसार दीपावली में लक्ष्मी का प्रवेश घर, कार्यालय, प्रतिष्ठान में हो, इसके लिए स्थिर लग्न में माता महालक्ष्मी का पूजन करना चाहिए। गृहस्थों को पूजन करने के लिए स्थिर वृष लग्न शाम 6ः51 से रात्रि 8ः47 बजे तक रहेगी। वृष लगन की कुंडली बनाने पर देवगुरु बृहस्पति पराक्रम भाव में उच्च के हैं।

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मेदनीय ज्योतिष के अनुसार यह दीपावली पर ग्रहों का संयोग देश-दुनिया के लिए विशेष फलपद्र रहेगा। शुभ दीपावली पर ग्रहों की शुभ स्थिति- तुला राशि में सूर्य, मंगल, बुध का योग, कन्या राशि में चंद्रमा और शुक्र, सिंह राशि का केतु, कुंभ राशि का राहु और मीन राशि का शनि तथा उच्च राशि का बृहस्पति, इस प्रकार की ग्रह स्थिति दीपावली पर्व पर बन रही हैं। वर्षों बाद बृहस्पति अपनी उच्च राशि में पंचपर्व की शुरुआत धनतेरस के दिन आए हैं।


गुरु से जुड़ा है ज्ञान-मान और सम्मान

ज्योतिषाचार्य आशुतोष के मुताबिक उच्च राशि का बृहस्पति अनेक दोषों का शमन करता है जिसके चलते शुभ लाभ के संकेत दीपावली पर प्राप्त हो रहे हैं। देवगुरु बृहस्पति का संबंध शुभ लक्ष्मी, संतान तथा व्यक्ति के ज्ञान-मान-सम्मान से जुड़ा हुआ है, जिसके चलते ईमानदारी से व्यापार एवं निष्ठापूर्ण शिक्षा करने वाले जातकों के लिए देवगुरु बृहस्पति सहायक रहेंगे। इस वर्ष ऐसे व्यापारियों पर मां लक्ष्मी की कृपा बरसेगी।

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वैदिक ज्योतिष की बात करें तो देवगुरु बृहस्पति सर्वाधिक शुभ ग्रह है, गुरु उच्च का होने से ज्ञान, धन, आस्था और समृद्धि की प्राप्ति होती है। धनतेरस, दीपावली पर्व की शुरुआत उच्च के गुरु के सानिध्य में बेहद महत्वपूर्ण घटना है। यत् पिण्डे, तत् ब्रह्माण्डे के सिद्धांत के अनुसार जब कभी आकाश में कोई ग्रह राशि परिवर्तन करता है, तो उसका सीधा प्रभाव धरती पर मनुष्यों के जीवन में पड़ता है। गुरु ज्ञान का प्रतीक है, इसलिए माना जा रहा है कि इस बार दीपावली पर ज्ञान का दीप जलेगा और अंधकार मिटेगा। साफ है कि अन्य वर्षों की अपेक्षा दीप पर्व व्यापारियों के लिए कहीं अधिक खुशियों की सौगात लेकर आया है। हर तरफ दीप पर्व का उल्लास है।

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