शुभ सानिध्य में चंद्र पूजन विशेष फलदायी
वार्ष्णेय के अनुसार करवाचौथ के दिन चंद्रमा जब वृष राशि में रहता है तो सर्वाधिक शुभ फल प्रदान करता है क्योंकि वृष चंद्रमा की उच्च राशि है। इसी वजह से व्रती स्त्रियों को इस शुभ सानिध्य में चंद्र पूजन करने से जिन-जिन वस्तुओं का संबंध चंद्रमा से है, उन-उन वस्तुओं में वृद्धि का लाभ प्राप्त होगा। चंद्रमा का सीधा संबंध शांति एवं सौम्यता है, जिसके कारण व्रत स्त्रियों को मानसिक शांति, एकाग्रता एवं अनेक चंद्र प्रधान गुणों में वृद्धि का कारक बनता है। जिन महिलाओं का मन अक्सर अशांत रहता है, उनके लिए चंद्र पूजा एक तरह का मानसिक संतुलन स्थापित करने का कार्य करती है। मान्यता है कि ऐसे में उन्हें अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने और मानसिक रूप से स्थिर रहने में मदद मिल सकती है। करवाचौथ के शुभ योग में किया गया पूजन, पति की उन्नति में सहायक होता है और अशुभ ग्रह दशा एवं मारकेश आदि में अभेद्य कवच का कार्य करता है।