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Prayagraj: इस बार सिद्धयोग में करवाचौथ, वृष राशि में चंद्रमा का संचरण विशेष फलदायी, रात 7:58 बजे होगा चंद्रोदय

Fri, 10 Oct 2025 12:09 PM IST
विनोद सिंह मुनेंद्र बाजपेयी, प्रयागराज

सार

Karwa Chauth Moon Time Today : करवाचौथ व्रत इस बार सिद्ध योग में विशेष फलदायी होगा। कार्तिक कृष्ण पक्ष की चंद्रोदयव्यापिनी चतुर्थी यानि 10 अक्तूबर को वृष राशि में चंद्रमा का संचरण महिलाओं के अखंड सौभाग्य का कारक बनेगा। करवा चौथ पर चंद्रोदय रात 7.58 बजे होगा। 
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करवा चौथ। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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करवाचौथ व्रत इस बार सिद्ध योग में विशेष फलदायी होगा। कार्तिक कृष्ण पक्ष की चंद्रोदयव्यापिनी चतुर्थी यानि 10 अक्तूबर को वृष राशि में चंद्रमा का संचरण महिलाओं के अखंड सौभाग्य का कारक बनेगा। ग्रह नक्षत्रम संस्थान की ज्योतिषाचार्य गुंजन वार्ष्णेय के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की युति ऐसी है कि करवाचौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं की पति की उन्नति और अभेद कवच का मान मंगलकारी होगा।

रात 7:58 बजे होगा चंद्रोदय

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पंचांग की गणितीय गणना के अनुसार शुक्रवार को करवाचौथ पर रात 7:58 बजे चंद्रोदय होगा। गुंजन के मुताबिक अलग-अलग शहरों में करवाचौथ के दिन चंद्रोदय के समय में भिन्नता संभव है। शुक्रवार कृतिका नक्षत्र रात 9:07 बजे तक है, इसके बाद रोहिणी नक्षत्र का संचरण होगा। इस बार करवाचौथ पर सिद्धि योग, चंद्रमा वृष राशि में, मिथुन राशि में देवगुरु बृहस्पति, सूर्य एवं शुक्र कन्या राशि में, मंगल एवं बुध तुला राशि में, शनि की मीन राशि में स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण और मंगलकारी है।

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शुभ सानिध्य में चंद्र पूजन विशेष फलदायी

वार्ष्णेय के अनुसार करवाचौथ के दिन चंद्रमा जब वृष राशि में रहता है तो सर्वाधिक शुभ फल प्रदान करता है क्योंकि वृष चंद्रमा की उच्च राशि है। इसी वजह से व्रती स्त्रियों को इस शुभ सानिध्य में चंद्र पूजन करने से जिन-जिन वस्तुओं का संबंध चंद्रमा से है, उन-उन वस्तुओं में वृद्धि का लाभ प्राप्त होगा। चंद्रमा का सीधा संबंध शांति एवं सौम्यता है, जिसके कारण व्रत स्त्रियों को मानसिक शांति, एकाग्रता एवं अनेक चंद्र प्रधान गुणों में वृद्धि का कारक बनता है। जिन महिलाओं का मन अक्सर अशांत रहता है, उनके लिए चंद्र पूजा एक तरह का मानसिक संतुलन स्थापित करने का कार्य करती है। मान्यता है कि ऐसे में उन्हें अपनी भावनाओं को नियंत्रित करने और मानसिक रूप से स्थिर रहने में मदद मिल सकती है। करवाचौथ के शुभ योग में किया गया पूजन, पति की उन्नति में सहायक होता है और अशुभ ग्रह दशा एवं मारकेश आदि में अभेद्य कवच का कार्य करता है।

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