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इस हाल में स्मार्ट बनेगा शहर

Wed, 06 Jul 2016 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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स्मार्ट स‌िटी - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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शहर के कई इलाकों में दूर तक धंसी सड़कें, हर तरफ फैली मिट्टी एवं गिट्टी की वजह से फिसलन, कीचड़, सिल्ट से पटे नाले और ख्वाब शहर को इलाहाबाद स्मार्ट सिटी बनाने का। शहर का यह हाल उन्हीं अफसरों ने कर रखा है, जिन्होंने स्मार्ट सिटी का प्रस्ताव तैयार किया है। सिविल लाइंस की हालत तो यह है कि सुंदरीकरण के नाम पर बारिश के दौरान यह बदहाल है। पत्थर गिरजाघर से हनुमान मंदिर चौराहा तक सड़क के दोनों ओर नाला और डग बनाने के लिए खोदे गए गड्ढे पानी से लबालब हैं। दोनों तरफ की पूरी पटरी खुदी पड़ी है, जिस पर फैली मिट्टी दुर्घटना के साथ दुकानदारों के लिए मुसीबत बन गई है। नाला और डग का जो काम बारिश शुरू होने के पहले पूरा हो जाना था, वह अभी आधा भी नहीं हुआ है।
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सिविल लाइंस में नगर निगम कार्यालय के पीछे से होटल हर्ष चौराहा होकर जीटी रोड क्रासिंग तक लोहिया मार्ग, संगम प्लेस से शाहंशाह रेस्टोरेंट चौराहा, जीएचएस चौराहा होकर जीटी रोड क्रासिंग क्लाइव रोड, होटल कान्हा श्याम होकर पैलेस सिनेमा चौराहा से जीटी रोड क्रासिंग तक स्ट्रैची रोड, पत्रिका रोड, नवाब यूसुफ रोड, सरदार पटेल मार्ग पर सड़क जगह-जगह काफी दूर तक धंस गई है। एलगिन रोड पर हार्ट स्टफ चौराहा से मिश्र भवन चौराहा होकर संगीत समिति के सामने तक दाहिनी ओर खोदी गई पटरी का भी यही हाल है। सीवर लाइन बिछाने के लिए करीब सात-आठ माह पहले खोदी गई पटरी अब तक नहीं बनी है। इसके साथ कस्तूरबा गांधी मार्ग पर मिश्र भवन चौराहा के पास सड़क के बीच पाइप निकालने के लिए खोदाई करके छोड़ दिया गया है। एलगिन रोड पर जीएचएस के सामने अचानक गड्ढा होने वहां खड़ी दो कारों के आगे के पहिए उसमें घुस गए। इसके अलावा अन्य सड़कों पर भी हुए और अचानक हो जा रहे गड्ढों में काफी संख्या में वाहन फंस जा रहे हैं।

सिविल लाइंस में सीवर लाइन लासर्न एंड टर्बो (एलएंडटी) कंपनी ने बिछाई। कंपनी की मनमानी की वजह से सड़कें चौपट हो गई हैं। पाइप लाइन डालने के बाद किसी भी सड़क को पाटने का काम मानक के तहत नहीं हुआ। गड्ढों में जल्दबाजी में मिट्टी भरने के बाद उस पर गिट्टी और डामर डालकर पोत दिया गया। इसका नतीजा सबके सामने है। सड़क पर गड्ढे पाटने के बाद मिट्टी को ठीक ढंग से पाटने के बाद डामरीकरण किया जाता तो शायद बारिश में सड़कों का यह हाल न होता। आश्चर्य यह कि नगर निगम और गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई, जिस पर इन कामों को पूरा कराने की जिम्मेदारी है, वहां के अफसर भी एलएंडटी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर पा रहे हैं।
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  पटरी पार पुराने शहर में सीवर लाइन बिछाने के लिए खोदी गई सड़कों का बुरा हाल है। कीडगंज, दरियाबाद, मीरापुर, अतरसुइया की कई सड़कें और गलियों का हाल बेहद खराब है। उस पर चलना मुश्किल हो गया है। यहां भी सीवर लाइन बिछाने के लिए की गई खोदाई ही जिम्मेदार है। इन इलाकों के पार्षद और आम लोग मनमाने तरीके से हो रहे काम को लेकर आपत्ति भी करते रहे, लेकिन कार्य में लगी कंपनी ने किसी की नहीं सुनी, जिसका नतीजा अब सड़कें धंसने के साथ सबके सामने आ रहा है।
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