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तीस हजार भवनों से होगी व्यावसायिक कर की वसूली

Thu, 08 Jan 2015 01:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
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इलाहाबाद। विज्ञापन, लाइसेंस सहित दूसरे मदों से नगर निगम की आय बढ़े न बढ़े लेकिन इस वित्तीय वर्ष में गृहकर से भारी-भरकम इजाफा होना तय है। ऐसा होने पर शहर में विकास कार्य भी रफ्तार पकड़ेंगे और यह होगा व्यावसायिक भवनों से गृहकर वसूलने से। नगर निगम इन भवनों से दिसंबर 2013 में आई नई अनावसीय भवन नियमावली के तहत टैक्स की वसूली करेगा, जिसमें व्यावसायिक भवनों पर टैक्स तकरीबन छह गुना तक बढ़ जाएगा। इसके लिए व्यावसायिक भवनों का सर्वे जारी है, जो अंतिम चरण में है। इसके बाद नोटिस और फिर बिल भेजकर टैक्स की वसूली की जाएगी।

नगर निगम की ओर से सड़क, गली, नाले-नाली, पुलिया के निर्माण, स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने आदि विकास कार्य में रकम की कमी बड़ी बाधा है। गृहकर, विज्ञापन, लाइसेंस आदि से होने वाली आय से ही विकास कार्य होते हैं। निगम की गृहकर वसूली तो ठीक है लेकिन अन्य मदों में टैक्स बेहद कम आता है लेकिन गृहकर मद में वसूली जल्द और बढ़ जाएगी। वैसे निगम विज्ञापन से भी आय बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। व्यावसायिक भवनों के संबंध में नई नियमावली आने के बाद निगम ने मकान मालिकों को स्वत:कर निर्धारण के लिए मौका दिया लेकिन एक भी आवेदन नहीं आया। करीब छह माह पहले नगर निगम ने व्यावसायिक स्वयं सर्वे शुरू कराया। इस वक्त तक मात्र चार हजार व्यावसायिक भवनों से नगर निगम को टैक्स मिल रहा था।
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सर्वे जैसे-जैसे आगे बढ़ा, व्यावसायिक भवनों की संख्या भी बढ़ने लगी। नई सूची में पूरी तरह व्यावसायिक भवनों की संख्या 5000 पहुंच गई है। इसी तरह व्यावसायिक और आवासीय मिश्रित श्रेणी के भवनों की संख्या 15000 का आंकड़ा पार कर गई। इस हिसाब से व्यावसायिक भवनों की संख्या 20000 का आंकड़ा पार कर चुकी है। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्र के मुताबिक यह संख्या तकरीबन 30000 तक पहुंचेगी। कम आय को लेकर लगातार उठने वाले सवालों के बीच नगर आयुक्त आरपी सिंह कई पार्षदों से कह चुके हैं कि  जल्द ही निगम की गृहकर से आय 35 करोड़ से बढ़कर 80 करोड़ रुपये तक पहुंचे। उन्होंने मंगलवार को सदन की बैठक में भी बताया कि व्यावसायिक भवनों का सर्वे अंतिम चरण में है और दो माह में पूरा हो जाएगा। इसकेबाद नोटिस भेजकर इसी वित्तीय वर्ष में टैक्स की वसूली की जाएगी।
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