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थर्ड डिग्री : हिरासत में युवक को इतनी बेरहमी से पीटा कि उधड़ गई चमड़ी

Sun, 17 Jul 2022 12:48 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

दयालपुर सरायममरेज निवासी पीड़ित चार दिन पहले पुलिस हिरासत में गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। जिसे आननफानन में पुलिस ने फाफामऊ स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। तब उसने बाथरूम में फिसलकर घायल होने की बात बताई थी लेकिन एक दिन पहले उसने पुलिस की पोल खोल दी।
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Custody (Demo Pic)
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विस्तार
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थरवई में बकरों की लूट मामले में हिरासत में लिए गए राजाबाबू पटेल (30) को सिर्फ कलाई ही नहीं, शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोट आई थी। पुलिस ने उसे इस कदर बेरहमी से पीटा था कि उसके कमर के नीचे और जांघों की खाल तक उधड़ गई। यही नहीं उसका आरोप है कि तीन दिन तक बेरहमी से पिटाई करने के साथ ही उससे दो लाख रुपयों की भी मांग की गई। चौंकाने वाली बात यह रही कि इस मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तीसरे दिन भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। 

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दयालपुर सरायममरेज निवासी पीड़ित चार दिन पहले पुलिस हिरासत में गंभीर रूप से जख्मी हो गया था। जिसे आननफानन में पुलिस ने फाफामऊ स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। तब उसने बाथरूम में फिसलकर घायल होने की बात बताई थी लेकिन एक दिन पहले उसने पुलिस की पोल खोल दी। वीडियो वायरल कर बताया कि उसे चोट पुलिस की पिटाई में ही आई थी। जिसमें उसकी कलाई की नस फट गई।

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शनिवार को उसका एक और वीडियो वायरल हुआ जिसमें उसने बताया कि कलाई ही नहीं बल्कि बर्बरता से पीटे जाने में उसके शरीर के अन्य हिस्सों में भी चोटें आईं। उसने अपनी चोटें भी दिखाईं जिससे पता चला कि पिटाई से पीठ के नीचे और जांघों की खाल उधड़ गई थी। उसने थाने के ही एक सिपाही का नाम लेकर आरोप लगाया कि वह शराब पीकर आता और इसके बाद उसे रात भर पीटता था।


पीड़ित का कहना है कि उसने बकरों की लूट में शामिल चमनगंज निवासी एक अपराधी का घर भी दिखाया लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। आरोप यह भी है कि छोड़ने के लिए दो लाख रुपयों की भी मांग की गई। इसी दौरान एक दिन पिटाई के दौरान ही उसके कलाई की नस फट गई जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। इस मामले में अफसरों से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन संपर्क नहीं हो सका। उधर इंस्पेक्टर महेश मिश्रा का कहना है कि उन्हें अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है।  


पुलिस ने दबाव डालकर दिलाया था झूठा बयान
एक दिन पहले वायरल वीडियो में युवक ने यह भी बताया था कि पुलिस ने अस्पताल में भर्ती रहने के दौरान दबाव डालकर उसे झूठ बोलने पर मजबूर किया था। मुंह खोलने पर जेल भेजने की भी धमकी दी थी। जिसके बाद ही उसने फिसलकर घायल होने की बात बताई थी। साथ ही उसके परिवारवालों ने भी चुप्पी साध ली थी। 
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