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हत्याकांड का खुलासा : चार लाख में ली गई थी पूर्व प्रधान की हत्या की सुपारी

Sun, 17 Jul 2022 12:35 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पुलिस ने सुरेंद्र निवासी मोहिउद्दीनपुर नवाबगंज के साथ ही प्रतापगढ़ के करमाइन गांव के प्रधानपति धीरज सिंह और साजिश में शामिल शालू सिंह निवासी अंबारा मथई, थाना गदागंज जनपद रायबरेली को भी गिरफ्तार किया है।
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अपराध - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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नवाबगंज के शृंगवेरपुर सर्विस लेन पर 10 जून को हुए हत्याकांड का खुलासा शनिवार को हो गया। इसके मुताबिक, शूटरों के निशाने पर पूर्व प्रधान संतोष सिंह था। उसकी हत्या की सुपारी चार लाख रुपये में कथित डॉक्टर सुरेंद्र कुमार मौर्य ने ली थी। साथ ही उसे एक जमीन देने का भी वादा किया गया था। प्रधानपति धीरज सिंह व उसके भाई नीरज की ओर से दी गई सुपारी पर उसने ही तीन शूटरों का इंतजाम किया था। जिन्होंने पूर्व प्रधान को गोली मारने के साथ ही उसके दोस्त हरेंद्र मिश्र की हत्या कर दी थी। 

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पुलिस ने सुरेंद्र निवासी मोहिउद्दीनपुर नवाबगंज के साथ ही प्रतापगढ़ के करमाइन गांव के प्रधानपति धीरज सिंह और साजिश में शामिल शालू सिंह निवासी अंबारा मथई, थाना गदागंज जनपद रायबरेली को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सुरेंद्र ने बताया कि पूर्व प्रधान संतोष से उसकी अच्छी जान पहचान थी। फाफामऊ में रेस्टोरेंट संचालित करने वाले रिश्तेदार संजय सिंह के जरिए उसकी मुलाकात टेंट हाउस कर्मचारी शालू से हुई जिसक मामा का लड़का मामले का नामजद आरोपी नीरज सिंह है। शालू के जरिए ही वह नीरज से मिला जिसने उसे पूर्व प्रधान की हत्या की सुपारी दी।

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अपराध - फोटो : पीटीआई
इसके लिए चार लाख रुपये व छोटा अस्पताल बनाने को जमीन देने का वादा किया। 50 हजार एडवांस भी दिए। इसके बाद उसने तीन शूटरों संजय मौर्या निवासी गनीसराय बहरिया, सौरभ मिश्रा निवासी बाजपुर गोरा, सिधौली शाहजहांपुर हाल पता शांतिपुरम और शहंशाह आलम निवासी पुरानी चुंगी फाफामऊ को तैयार किया। इसके बाद साजिश के तहत तीनों को बाबागंज में पूर्व प्रधान की कार में बैठवा दिया। जिन्होंने नवाबगंज में श्रृंग्वेरपुर सर्विस रोड पर पहुंचते ही फायरिंग शुरू कर दी। इसमें पूर्व प्रधान घायल हो गया था जबकि हरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी।  


पिता की हत्या, फर्जी मुकदमे में फंसाने का लेना था बदला
सुरेंद्र ने पूछताछ में यह भी बताया कि नीरज ने उससे कहा था कि उसे पूर्व प्रधान से बदला लेना है। उसने कहा था कि 10 साल पहले संतोष ने ही उसके पिता की हत्या कराई थी। यही नहीं उसे फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भी भेजवाया था। इसी के बाद से वह और उसका भाई धीरज उससे बदला लेने की फिराक में थे। 
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