इसके लिए चार लाख रुपये व छोटा अस्पताल बनाने को जमीन देने का वादा किया। 50 हजार एडवांस भी दिए। इसके बाद उसने तीन शूटरों संजय मौर्या निवासी गनीसराय बहरिया, सौरभ मिश्रा निवासी बाजपुर गोरा, सिधौली शाहजहांपुर हाल पता शांतिपुरम और शहंशाह आलम निवासी पुरानी चुंगी फाफामऊ को तैयार किया। इसके बाद साजिश के तहत तीनों को बाबागंज में पूर्व प्रधान की कार में बैठवा दिया। जिन्होंने नवाबगंज में श्रृंग्वेरपुर सर्विस रोड पर पहुंचते ही फायरिंग शुरू कर दी। इसमें पूर्व प्रधान घायल हो गया था जबकि हरेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई थी।
पिता की हत्या, फर्जी मुकदमे में फंसाने का लेना था बदला
सुरेंद्र ने पूछताछ में यह भी बताया कि नीरज ने उससे कहा था कि उसे पूर्व प्रधान से बदला लेना है। उसने कहा था कि 10 साल पहले संतोष ने ही उसके पिता की हत्या कराई थी। यही नहीं उसे फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भी भेजवाया था। इसी के बाद से वह और उसका भाई धीरज उससे बदला लेने की फिराक में थे।