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स्वरोजगार के बारे में सोचें युवा

Wed, 21 Sep 2016 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इलाहाबाद। सैम हिग्गिनबॉटम इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर, टेक्नोलॉजी एंड साइंसेज (शियाट्स) में मंगलवार को आयोजित ग्यारहवें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे राज्यपाल राम नाईक ने उपाधि पाने वालों को स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया। कहा कि रोजगार के अवसर कम हो रहे हैं। इसलिए जरूरत है ऐसे स्वरोजगार के बारे में सोचने की, जो दूसरों को भी नौकरी दे सके।
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राज्यपाल ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर चिंता जताई। साथ ही कहा कि इसमें सुधार के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने उड़ी में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए चिंता जताई। युवाओं से अपील की कि अध्यापकों और माता-पिता ने अपनी जिम्मदारी निभा दी। समाज और परिवार के प्रति जिम्मेदारी निभाने की अब उनकी बारी है। 
नाईक ने कहा कि आर्थिक विकास के लिए किसानों की तरक्की आवश्यक है। उपाधिधारक कृषि में विकास के लिए सहयोग करें। उन्होंने हर क्षेत्र में महिलाओं के आगे बढ़ने को बड़ा सकारात्मक बदलाव बताया। कहा कि संसद और विधानसभा में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण की व्यवस्था अभी बहाल नहीं हो पाई है लेकिन महिलाओं को जहां भी मौका मिला है, उन्होंने खुद को साबित किया है। 
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दीक्षांत समारोह में 118 छात्राओं को मेडल दिए गए। जबकि छात्रों की संख्या 65 है। राज्यपाल ने वार्षिक रिपोर्ट तथा कुलपति प्रोफेसर आरबी लाल पर आधारित पुस्तक ‘फुटप्रिंट ऑफ फेथ’ का विमोचन भी किया। इससे पहले उन्होंने मेधावियों को मेडल बांटे।
कुलाधिपति डॉ.जेए ओलीवर ने समारोह की घोषणा की। कुलपति प्रोफेसर राजेंद्र बी.लाल ने संस्थान के बारे में जानकारी दी। संचालन कुलसचिव प्रोफेसर रॉबिन एल.प्रसाद ने किया। समारोह में नीदरलैंड के एरिक, बिशप पीटर बलदेव, निदेशक कैंपस मिनिस्ट्रीय डॉ.सुधा लाल, इंदिरा वसन्था, प्रति कुलपति प्रशासन प्रोफेसर एसबीलाल, प्रति कुलपति शैक्षिक प्रोफेसर एकेए लॉरेंस, निदेशक एचआरएम एवं प्रशासन विनोद बी.लाल, प्रोफेसर जोनाथन ए.लाल आदि शामिल रहे।

इन्हें मिला मेडल
 शियाट्स के दीक्षांत समारोह में इजराइल के डॉ.जोसफ शेवेलीस और कोर्नेलिया को मानद उपाधि प्रदान की गई। कुल 223 छात्र-छात्राओं को गोल्ड और सिल्वर मेडल प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय का सर्वश्रेष्ठ मेडल गुलजारी लाल मेमोरियल अवार्ड 2015 के लिए स्नातक की अपूर्वा सोनी तथा 2016 के लिए दीक्षा सिन्हा को दिया गया। स्व.मनीष जैके मेमोरियल अवार्ड विकास कुमार को दिया गया। 2015 का लक्ष्मी राव मेमोरियल अवार्ड निधि शर्मा तथा 2016 का मोनिका गुप्ता को मिला। सर्वश्रेष्ठ प्राध्यापक अवार्ड 2015 प्रोफेसर सोबिता साइमन, प्रोफेसर रानू प्रसाद, प्रोफेसर जॉन डेविड, डॉ.रमेश पांडेय, डॉ.विश्वरूप मेहरा तथा डॉ.अर्पण शेरिंग को दिया गया। सर्वश्रेष्ठ प्राध्यापक अवार्ड 2016 डॉ.रजिया परवेज, डॉ.अविनाश सिह, डॉ.जीआर लवान्या, डॉ.शीन मोसेस, डॉ.अफाक वाजिद वानी को दिया गया। 172 को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इनके अलावा 1853 को परास्नातक, 3345 को स्नातक की डिग्री दी गई। भूटान, अफगानिस्तान, लीबिया, नेपाल, इराक, नाइजीरिया आदि देश के 269 विद्यार्थियों को भी डिग्री वितरित की गई।

फिर की पारंपरिक परिधान की वकालत
राज्यपाल राम नाईक ने दीक्षांत समारोह में पारंपरिक परिधान की एक बार फिर वकालत की। हालांकि, शियाट्स के दीक्षांत समारोह में उन्होंने गाउन पहन रखा था और कोई टिप्पणी भी नहीं की। उन्होंने कहा कि  पारंपरिक ड्रेस में मेडल पहनाने में सहूलियत होती है। हैट बाधा नहीं बनती। बताया कि उनकी अपील पर राज्य विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह में स्थानीयता के आधार पारंपरिक परिधान पहने जाने लगे हैं। उन्होंने बताया कि कुल 26 में 23 राज्य विश्वविद्यालयों में दीक्षांत समारोह हो चुका है।
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