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खुद को खोकर सबका होना चाहते हैं संदीप

Fri, 24 Apr 2015 01:49 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
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इलाहाबाद। कभी फिल्म ‘आशिकी-2’ के लिए ‘सुन रहा है ना तू’ जैसा गीत लिखने वाले संगमनगरी के ही सितारे संदीप नाथ अपनों के बीच पहुंचे तो बिन रुके बोल उठे, ‘सुन रहा है ना तू’ और फिर एक-एक कर बीते कल और आने वाले कल दोनों को सुनाते रहे। ‘आशिकी-2’ के गीत ‘सुन रहा है ना तू से चर्चित होने वाले संदीप की कामयाबी का सफर बहुत आसान नहीं रहा, संगमनगरी के इस छोरे से हिम्मत भी नहीं हारी।
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बतौर गीतकार और पटकथा लेखक संदीप की झोली में फिलहाल दीपक तिजोरी की फिल्म ‘दो लफ्जों की कहानी’ है जिसकी शूटिंग जल्दी ही मलेशिया में शुरु होगी। इसी तरह ‘तेजाब 2’, ‘यारा सिली सिली’, ‘टाम डिक एंड हैरी-2 ’ समेत दस से ज्यादा फिल्में हैं। एक फिल्म निर्देशन की भी तैयारी है।

‘अमर उजाला’ से खास मुलाकात में संदीप ने कहा, मुंबई में बसने के बावजूद भीतर को इलाहाबाद ही बसता है। बंगाली ब्राह्मण परिवार में जन्मे संदीप अतरसुइया में पतंगबाजी, गेंद तड़ी और क्रिकेट खेलने जैसी यादों से अब भी जुड़े हैं। संगम स्नान से लौटते वक्त दही जलेबी, कभी सुलाकी की कचौड़ियां तो भी बनवारी की स्वाद अब तक नही भूला है। यह इलाहाबाद की ही आबोहवा है जिसने मुझे लिखने की तमीज दी और हौसला भी। ‘आशिकी 2’ पेज-3, सांवरिया, पान सिंह तोमर, बुलेट राजा सहित पचास से अधिक बालीवुड फिल्मों में काम कर चुके गीतकार-पटकथा लेखक संदीप नाथ मानते हैं, रचनात्मकता तो इलाहाबाद के डीएनए में रची बसी है।
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