फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ऑनलाइन कारोबारी कंपनियों की बढ़ी निगरानी

Fri, 24 Apr 2015 01:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
विज्ञापन
विज्ञापन
इलाहाबाद। ऑनलाइन प्लेटफार्म पर कारोबार करने वाली कंपनियों के रास्ते में वाणिज्य कर विभाग ने जाल बिछाना शुरू कर दिया है। विभाग की आंखों में धूल झोंककर राज्य सरकार को करोड़ों का चूना लगा रही कंपनियों के माल की छानबीन और धरपकड़ शुरू हो गई है। सरकार ने कंपनियों के कारोबार  और गैर प्रांत से माल लाकर सूबे में बेचने पर निगरानी बढ़ाना शुरू कर दिया है। तर्क है कि कंपनियां गलत तथ्यों के आधार पर माल की बिक्री कर रही हैं। स्थानीय व्यापारी भी इन्हीं खामियों को उठाते रहे हैं।
विज्ञापन


ऑनलाइन कारोबार कंपनियों का ग्राहक आधार और बिक्री लगातार बढ़ रही है। घर-घर कंपनियों की पहुंच हो रही है लेकिन कंपनियां जिन राज्यों से करोड़ों के आर्डर उठा रही हैं उन्हें ठेंगा दिखाकर नुकसान पहुंचा रही हैं। वाणिज्य कर अफसरों के मुताबिक गैर प्रांत से माल लाकर यूपी में बिक्री करने के लिए फार्म-38 अनिवार्य है। इसमें खरीद और बिक्री की पूरी जानकारी देनी होती है। व्यक्तिगत माल के लिए फार्म-39 का इस्तेमाल किया जाता है। परंतु, कंपनियां दोनों का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं। हालांकि, कंपनियों ने ट्रांसपोर्ट से माल मंगाकर रखने के लिए गोदाम भी बना लिए हैं।

विभाग के सामने कंपनियां तर्क दे रही हैं कि वह सूबे से कोई भी माल नहीं खरीद रही हैं। न ही कोई कारोबारी बिक्री कर रही हैं। व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए मंगाए गए माल को वह भेजती हैं। कंपनियों की चालाकी यह है कि वह जिन प्रदेशों में टैक्स की दरें कम हैं वहां से ही खरीदारी कर आपूर्ति करती हैं। इससे वह दोहरा नुकसान कर रही हैं। स्थानीय कारोबारियों को चोट पहुंचाने के साथ सरकारी खजाने को भी नुकसान पहुंचा रही हैं। इलाहाबाद क्षेत्र के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-2 वीके गुप्ता भी मानते हैं कि ऑनलाइन कारोबार वाली कंपनियां टैक्स चोरी कर रही हैं। प्रदेश सरकार से निगरानी बढ़ाने के निर्देश मिले हैं। कंपनियों के माल की जांच भी कराई जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें