स्लीपर वंदे भारत ट्रेन में अगर किसी को सफर करना है तो उससे न्यूनतम 400 किलोमीटर का किराया लिया जाएगा। भले ही यात्री 100 किमी की यात्रा करे लेकिन उसे भुगतान 400 किमी का ही करना होगा, क्योंकि ट्रेन में 400 किमी से कम के सफर का आरक्षण नहीं होगा। इस ट्रेन में आरक्षण के लिए रेलवे डिजिटल पेमेंट को वरीयता दे रहा है। इसका फायदा यह होगा कि अगर कोई यात्री अपनी टिकट बुक करवाता है और किन्हीं कारणों से वह अपनी यात्रा निरस्त कर रहा है तो उसका रिफंड 24 घंटे के भीतर ही आ जाएगा।
स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस का शुभारंभ होने के बाद अब इसके संचालन की नियमित तिथि का इंतजार किया जा रहा है। दो दिन पहले ही पीएम मोदी ने देश की पहली स्लीपर वंदे भारत को रही झंडी दिखाई है। निकट भविष्य में स्लीपर वंदे भारत का संचालन दिल्ली से प्रयागराज होते हुए हावड़ा एवं गुवाहाटी तक हो सकता है। इस बीच रेलवे बोर्ड ने स्लीपर वंदे भारत के किराये की तालिका जारी की है।
15 जनवरी को रेलवे बोर्ड के डायरेक्टर पैसेंजर मार्केटिंग प्रवीण कुमार की ओर से जारी पत्र में स्लीपर वंदे भारत को लेकर कुछ नए नियम भी जारी करने की बात कही गई है। इसमें बताया गया है कि इस ट्रेन में 12 वर्ष से कम उम्र का बच्चा बिना अलग बर्थ के यात्रा कर रहा है तो सिस्टम उपलब्धता के अनुसार निचली बर्थ ही आवंटित होगी। इसमें 400 किमी तक की यात्रा के लिए एसी थ्री का किराया 960, एसी टू का 1240 और एसी फर्स्ट का 1520 रुपये निर्धारित किया गया है। 1000 किमी की यात्रा करने पर यह दर क्रमश: 2400, 3100 और 3800 रुपये रहेगी। पत्र में यह भी बताया गया है कि इसमें बुकिंग खुलते ही सारी उपलब्ध बर्थ दिखने लगेंगी।