दिव्यांगों के जीवन को और बेहतर बनाने के लिए सरकारी नौकरियों, शिक्षण संस्थानों में उनके लिए कोटा बढ़ाया जाएगा। उन्हें तीन फीसदी की जगह पांच फीसदी आरक्षण दिया जाएगा। इतना ही नहीं उनके लिए नया एक्ट भी लाया जा रहा है, जिसमें विकलांगता की पहचान सात से नहीं बल्कि 19 प्रकार से की जाएगी। इसका लाभ दुर्घटना का शिकार होने वाले, थैलीसीमिया, एनीमिया की वजह से विकलांग होने वालों को मिलेगा। यह जानकारी शुक्रवार को मुख्य आयुक्त विकलांग डॉ. कमलेश कुमार पांडेय ने दी। वह सर्किट हाउस में पत्रकारों से औपचारिक बात कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि सुगम भारत योजना के अंतर्गत देश के प्रत्येक शहरों में 100 भवन बनाए जाएंगे जिसमें दिव्यांगों के लिए रैंप एवं लिफ्ट होगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने दो करोड़ 68 लाख रुपये का बजट आवंटित किया है। इसके अलावा बड़े भवनों को बनाया ही नहीं जाएगा, जिसमें दिव्यांगों के लिए व्यवस्था न की जाए। मुख्य आयुक्त ने दिव्यांगों को मिलने वाली सुविधाओं और शिकायतों को दूर करने वाले ई-मेल की जानकारी दी।
कहा कि कॉकलियर इंप्लांट के लिए सरकार छह लाख रुपये तक का अनुदान दे रही है। अब तक 350 मूक बधिरों को काकलियर इंप्लांट कराने का लाभ दिया जा चुका है। इस साल पांच सौ मूकबधिरों को यह सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने नेत्रदान के प्रति जागरूकता करने की जरूरत बताई। कहा कि इससे अंधता को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। उन्होंने कई प्रदेशों के नाम भी लिए। दिव्यांगों के लिए काम करने वाले एनजीओ की संख्या भी बताई। बातचीत के दौरान उन्होंने कई और जानकारियां दीं।