नौ किमी लंबे काफिले ने स्टार्ट प्वाइंट से 3.2 किमी का सफर किया था तय
कुंभ 2019 में 503 शटल बसों के नौ किमी लंबे काफिले ने स्टार्ट प्वाइंट से 3.2 किमी का सफर तय किया। तब तत्कालीन प्रमुख सचिव परिवहन आराधना शुक्ला और कमिश्नर डॉ.आशीष गोयल ने इन बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। बसें राष्ट्रीय राजमार्ग 19 पर सहसों बाईपास-नवाबगंज मार्ग पर चली थीं। यह रिकॉर्ड 28 फरवरी 2019 को बना था।
गंगा एक्सप्रेस वे पर इस बार बसों की परेड कराने की तैयारी
इस बार इन बसों का संचालन सहसों बाईपास-नवाबगंज मार्ग पर कराने की तैयारी है। हालांकि, चर्चा इस बात की है कि अगर महाकुंभ के पहले मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेस वे तैयार हो गया तो बसों की परेड उसी पर कराई जाएगी। यूपी रोडवेज प्रयागराज रीजन के क्षेत्रीय प्रबंधक एमके त्रिवेदी का कहना है कि अभी बसों की परेड को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। ऐसा होता है तो हमारी तैयारी पूरी रहेगी।
अबूधाबी में एक साथ चली थीं 390 बसें
प्रयागराज में वर्ष 2019 में 503 शटल बसों की परेड के पूर्व 2010 में यूएई के अबूधाबी में एक साथ 390 बसों की परेड हुई थी। दो दिसंबर 2010 को बना यह रिकॉर्ड 28 फरवरी 2019 को प्रयागराज में टूटा। अब अगले वर्ष यूपी रोडवेज अपना ही 503 बसों का रिकॉर्ड 550 बसें चलाकर तोड़ सकता है।