बैंकों के बंद रहने का असर शनिवार को शहर भर में लगाए गए एटीएम पर नजर आया। हालांकि ज्यादातर एटीएम पर ताले लटके रहे लेकिन जो खुले रहे उन पर लंबी-लंबी कतारें सुबह से ही लगी रहीं। पैसा निकालने का नंबर घंटे भर बाद ही आता। कई लोग लाइन में लगने के बावजूद रुपया नहीं निकाल पाए। इससे लोगों ने आक्रोश भी जताया। ज्यादातर एटीएम निजी बैंकों के ही संचालित मिले।
सिविल लाइंस स्थिति एचडीएफसी बैंक में तीन एटीएम लगाए गए हैं। यहां तीनों पर भीड़ लगी रही। पैसा निकालने पहुंचे अशोक नगर के जितेंद्र ने बताया कि वह एक घंटे से लाइन में लगने के बाद एटीएम के पास पहुुंच पाए। इसी तरह की बातें लाइन में लगे विवेक, सौरभ ने बताई। उधर, इविवि साइंस फैकल्टी के पास पीएनबी के एटीएम का भी नजारा ऐसे ही रहा। वहां पर ज्यादातर छात्र और कारोबारी ही लाइन में लगे थे। लाइन में लगे लोगों ने बताया कि बड़ी मुश्किल से उनका नंबर आया है।
लाइन में लगे लोग इस बात से भी भयभीत दिखे कि कहीं एटीएम पर पहुंचते-पहुंचते रुपया न खतम हो जाए। एटीएम से भी दो हजार की नोट ही निकली। लोग 100 रुपये की नोट चाह रहे थे लेकिन उन्हें नहीं मिल सका। सिविल लाइंस स्थित केनरा बैंक, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, पंजाब नेशनल बैंक, जगराम चौराहे और मेडिकल चौराहे के पास स्थित एसबीआई का एटीएम समेत शहर के दर्जनों एटीएम बंद नजर आए। इन एटीएम पर पहुंचने वालों ने आक्रोश भी जताया। कहा कि बैंक तो बंद ही हैं अब एटीएम भी बेकार हो गए हैं। मेडिकल चौराहे के पास स्थिति आईसीआईसीआई का एटीएम में दोपहर दो बजे के बाद रुपये डाले गए तो वहां पर तुरंत ही लंबी लाइन लग गई।